तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK को बड़ा झटका लगा है. चुनावों में मिली करारी हार के बाद पार्टी पहले ही अंदरूनी कलह से जूझ रही थी और अब उसके तीन विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK का दामन थाम लिया है.
AIADMK विधायक मरगथम कुमारवेल, जयकुमार और सत्यभामा ने तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर JCD प्रभाकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके तुरंत बाद तीनों विधायक तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार में मंत्री आधव अर्जुन से मिलने उनके दफ्तर पहुंच गए.
इसके बाद साफ हो गया कि तीनों नेताओं ने AIADMK छोड़कर विजय की पार्टी TVK जॉइन कर ली है. इन विधायकों में मरगथम कुमारवेल मदुरंतकम सीट से, पी सत्यभामा धारापुरम सीट से और एस जयकुमार पेरुनदुरई सीट से AIADMK के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे.
धारापुरम और पेरुनदुरई पश्चिमी कोंगू क्षेत्र में स्थित हैं, जिन्हें AIADMK का पारंपरिक गढ़ माना जाता है. वहीं मदुरंतकम चेन्नई के पास अहम सीट है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया, जब दो हफ्ते पहले ही सीवी शनमुगम के नेतृत्व में 25 विधायकों ने TVK सरकार को समर्थन दिया था.
एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK से अलग होने वाले ये तीनों विधायक उसी बागी गुट का हिस्सा बताए जा रहे हैं. दरअसल, 13 मई को हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान इन विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए TVK सरकार के समर्थन में वोट दिया था.
इसके बाद से ही इनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं. इस बीच AIADMK के भीतर एक और सियासी हलचल देखने को मिली. शनमुगम-वेलुमणि गुट से जुड़े पांच विधायकों ने एक बार फिर एडप्पादी पलानीस्वामी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर कर दी है.
इसके साथ ही पलानीस्वामी का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या 27 हो गई है. पलानीस्वामी खेमे में लौटने वालों में अरकोट से एसएम सुकुमार भी शामिल हैं. 3 विधायकों के इस्तीफे और 5 विधायकों की वापसी के बाद AIADMK के बागी गुट की संख्या अब 17 रह गई है.
तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि विजय की TVK लगातार विपक्षी दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में लगी हुई है. दूसरी तरफ AIADMK चुनावी हार के बाद संगठनात्मक संकट और अंदरूनी खींचतान से जूझती नजर आ रही है.
प्रमोद माधव