केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ राहुल गांधी का पंजाब दौरा, 2 अक्टूबर को ट्रैक्टर रोड शो

राहुल गांधी 3 अक्टूबर को लोकसभा क्षेत्र संगरूर के धुरी से पटियाला लोकसभा क्षेत्र के समाना तक प्रदर्शन करेंगे. उसके बाद 4 अक्टूबर को पटियाला से रोड शो शुरू होकर हरियाणा सीमा तक चलेगा.

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो-पीटीआई) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो-पीटीआई)

आनंद पटेल

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST
  • कृषि विधेयकों के खिलाफ देश में प्रदर्शन जारी है
  • कृषि कानून के खिलाफ पंजाब का दौरा करेंगे राहुल
  • लोकसभा क्षेत्र फतेहगढ़ साहिब से होगी शुरुआत

केंद्रीय कृषि अध्यादेशों के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी केंद्र सरकार के खिलाफ पंजाब का दौरा करेंगे. इसकी शुरुआत लोकसभा क्षेत्र फतेहगढ़ साहिब के बदनी कलां से होगी और रायकोट में 2 अक्तूबर को ट्रैक्टर रोड शो होगा. 3 अक्टूबर को राहुल गांधी लोकसभा क्षेत्र संगरूर के धुरी से पटियाला लोकसभा क्षेत्र के समाना तक प्रदर्शन करेंगे. उसके बाद 4 अक्टूबर को पटियाला से रोड शो शुरू होकर हरियाणा सीमा तक चलेगा. 

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दरअसल, केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के खिलाफ देश में प्रदर्शन रुका नहीं है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. इस कड़ी में सोमवार को राजधानी दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रैक्टर में आग लगा दी थी और कृषि विधेयकों पर विरोध जताया था. 

कृषि विधेयकों को खारिज करने वाले कानून पर विचार करें

कांग्रेस ने अपनी प्रदेश सरकारों से कहा है कि कृषि विधेयकों को खारिज करने के लिए वो कानून पर विचार करें. कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस शासित राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के तहत अपने राज्यों में कानून पारित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए कहा है, जो राज्य विधानसभाओं को एक केंद्रीय कानून को रद्द करने के लिए एक कानून पारित करने की अनुमति देता है, फिर जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत होती है.

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तीनों विवादास्पद बिल अब कानून बन गए हैं

बता दें कि किसानों और राजनीतिक दलों के लगातार विरोध के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को संसद से पास कृषि बिल को मंजूरी दे दी थी. किसान और राजनीतिक दल इस विधेयकों को वापस लेने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी अपील किसी काम न आई, तीनों विवादास्पद बिल अब कानून बन गए हैं. 

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