'साइकिल' से उतरी पार्टियां फिर सवारी को तैयार, अखिलेश यादव के साथ आ सकते हैं राजभर और केशव देव

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद से सपा में बड़े परिवर्तन देखने को मिले. उपचुनाव में मैनपुरी लोकसभा सीट और खतौली विधानसभा सीट पर कब्जा कर लिया. चाचा शिवपाल नाराजगी भुलाकर सपा में लौट आए और अब विधानसभा चुनाव के बाद सपा से दूर हुए ओपी राजभर और केशव देव मौर्य भी सपा से गठबंधन करना चाहते हैं.

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2022 के विधानसभा चुनाव में आखिलेश के साथ थे राजभर और केशव देव (फाइल फोटो) 2022 के विधानसभा चुनाव में आखिलेश के साथ थे राजभर और केशव देव (फाइल फोटो)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

यूपी उपचुनाव में मिली जीत से सपा को सियासी संजीवनी मिल गई है. शिवपाल यादव की सपा में वापसी हो चुकी है तो आरएलडी पहले से अखिलेश यादव के साथ है. विधानसभा चुनाव के फौरन बाद सपा की 'साइकिल' से उतरने वाली राजनीतिक पार्टियां एक बार फिर से सवारी करने के लिए बेताब हैं. सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और महान दल के प्रमुख केशव देव मौर्य 2024 के चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं. चंद्रशेखर आजाद के बाद क्या राजभर-मौर्य को भी अखिलेश सपा की साइकिल पर बैठाएंगे

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बीजेपी को अखिलेश ही दे सकते हैं चुनौती: केशव देव

महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने एक बार फिर से अखिलेश यादव के साथ आने के संकेत दिए हैं. केशव ने आजतक से कहा कि सपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं, क्योंकि यूपी में बीजेपी को अखिलेश यादव ही चुनौती दे सकते हैं. अकेले दम पर महान दल चुनाव लड़कर कुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सपा या बसपा के साथ मिलकर हम बड़ा उलटफेर कर सकते हैं. बसपा फिलहाल मुकाबले में नहीं दिख रही है जबकि सपा ही मुख्य विपक्षी दल के तौर पर है. ऐसे में हमारी पहली पसंद सपा है.

केशव मौर्य ने बताया कि मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद वह सैफाई गए थे, जहां अखिलेश यादव के साथ उनकी लंबी राजनीतिक मुद्दे पर बातचीत हुई है. इस दौरान अखिलेश ने दोबारा से सपा के साथ आने की बात कही थी. मैनपुरी लोकसभा और रामपुर विधानसभा के उपचुनाव में महान दल ने सपा को समर्थन किया था.

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केशव मौर्य ने कहा कि मैनपुरी में बीजेपी से रघुराज सिंह शाक्य कैंडिडेट होने के बावजूद हमने शाक्य समुदाय के 35 हजार वोट सपा को दिलाने का काम किया है. 2024 के चुनाव के लिए सपा के साथ आने के लिए हम तैयार हैं, जिस पर अखिलेश यादव को फैसला करना है.

शिवपाल पहल करें तो गठबंधन को तैयार: ओपी राजभर

सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर से सपा के साथ गठबंधन करने के लिए रजामंदी जाहिर कर दी है. इसके लिए राजभर ने एक शर्त रखी है कि गठबंधन के लिए पहल शिवपाल यादव की तरफ से हो. उन्होंने कहा कि सपा और सुभासपा का गठबंधन एक बार फिर से हो सकता है. इस पर हमें बात करने में गुरेज नहीं है. शिवपाल कहेंगे तो हम अखिलेश से सुलह कर लेंगे. उन्होंने कहा कि 2024 की लड़ाई अखिलेश यादव अकेले लड़ेंगे या ओपी राजभर को साथ में लेकर लड़ेंगे.

राजभर ने कहा कि शिवपाल यादव गठबंधन के लिए पहल करें. शिवपाल राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं. वे कड़ी मेहनत के बाद यहां तक पहुंचे हैं. मुलायम सिंह यादव के साथ शिवपाल ने यूपी के सभी जिलों को मथा है. वे जनता के बीच काम करने वाले समाजवादी नेता हैं. मुलायम के बाद शिवपाल ही हैं जो समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ा सकते हैं.

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पिछले विस चुनाव में अखिलेश के साथ थे सभी छोटे दल

2022 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने जातीय आधार वाले छोटे-छोटे दलों को मिलाकर चुनाव लड़ा था. इसमें महान दल और सुभासपा जैसी पार्टियां भी शामिल थीं. ओम प्रकाश राजभर और केशव देव मौर्य के साथ रहने का अखिलेश यादव को सियासी फायदा मिला था.

पूर्वांचल के कई जिलों में राजभर वोटों के चलते सपा गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया था, लेकिन अखिलेश सत्ता में वापसी नहीं कर सके थे. ऐसे में चुनाव के बाद ओपी राजभर और केशव देव मौर्य ने सपा गठबंधन से नाता तोड़ लिया था. इसके बाद से राजभर सपा और अखिलेश यादव पर काफी हमलावर हो गए थे, लेकिन अब फिर से उनके तेवर बदलने लगे हैं.

चंद्रशेखर आजाद को उपचुनाव में मिल चुकी है एंट्री

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन में जगह नहीं पाने वाले दलित नेता चंद्रशेखर आजाद को उपचुनाव से एंट्री मिल गई है. खतौली में चंद्रशेखर ने जयंत चौधरी के साथ मिलकर मेहनत की थी और इसका फायदा भी आरएलडी को मिला और बीजेपी यह सीट हार गई. रामपुर में अखिलेश यादव के साथ चंद्रशेखर ने मंच शेयर किया था.

2024 चुनाव में सपा गठबंधन में शामिल होने की इच्छा भी जाहिर कर दी है तो जयंत चौधरी की पार्टी पहले से गठबंधन में है. ऐसे में सपा एक बार फिर से मजबूत गठबंधन और सियासी आधार मजबूत करती हुई नजर आ रही है. ऐसे में ओम प्रकाश राजभर और केशव देव मौर्य भी सपा की साइकिल पर बैठने के लिए बेताब हैं?

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