विपक्षी इंडिया ब्लॉक में नेतृत्व का जिन्न फिर बोतल से बाहर निकल आया है. इंडिया ब्लॉक में शामिल शिवसेना (यूबीटी) ने नेतृत्व परिवर्तन का सवाल उठाते हुए कहा है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. शिवसेना यूबीटी ने कहा है कि कमान कौन संभालेगा, यह तय होना चाहिए. पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी की इस डिमांड का समर्थन किया है.
कांग्रेस के सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने कहा है कि मेरी नजर में नीतीश कुमार संयोजक थे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के बाद ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे या स्टालिन इंडिया ब्लॉक के संयोजक हो सकते थे. कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यह रोटेशन के आधार पर हर साल बदलना चाहिए था. मैं इसे राजनीतिक रूप से परिपक्व टिप्पणी मानता हूं.
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अगर गठबंधन का संयोजक प्रमुख दल की बजाय किसी क्षेत्रीय दल से होता, तो यह गठबंधन सफल हो सकता था. इससे पहले, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का काम लोकसभा चुनाव नजदीक आने पर ही शुरू होता है. तब तक किसी के बीच कोई संवाद नहीं होता.
उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक में लोग तब तक क्या कर रहे हैं, किसी को पता नहीं. देश में कई समस्याएं हैं. संजय राउत ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील किसानों की मौत, सुसाइड और भूख का कारण बनेगी. इस मुद्दे को लेकर सिर्फ संसद में आवाज उठाने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने भी नहीं दिया जाता. क्या हम बाहर कुछ कर सकते हैं.
संजय राउत ने कहा कि मणिपुर का मुद्दा है, कानून व्यवस्था का मुद्दा है. इंडिया ब्लॉक को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. आपस में संवाद होना चाहिए. महीनों, वर्षों तक बातचीत नहीं होती. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि इंडिया ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले नहीं, बल्कि उसके भी पहले सक्रिय रहे.
विमान बोस ने ममता को बताया इंडिया ब्लॉक का नेता
शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता ने कहा कि किसी ने कहा कि ममता बनर्जी नेतृत्व करें, किसी ने कहा स्टालिन करें. यह उनकी व्यक्तिगत राय है. उन्होंने यह डिमांड भी की है कि इंडिया ब्लॉक की बैठक होनी चाहिए. टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का नेता बताया है.
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने संजय राउत के बयान को उनकी निजी राय बताते हुए कहा है कि अभी हमारी प्राथमिकता बंगाल है. उन्होंने कहा कि हमें बीजेपी को पूरी तरह हराना है और चौथी बार रिकॉर्ड विधायकों के साथ ममता बनर्जी को सीएम बनाना है. बंगाल का संदेश पूरे देश में जाएगा.
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कुणाल घोष ने यह भी कहा कि बीजेपी को रोकने के लिए ममता बनर्जी का बंगाल मॉडल प्रभावी है. लेकिन हमारा लक्ष्य दिल्ली में चल रही बंगाल विरोधी, जनविरोधी बीजेपी की सरकार को बदलना भी है. कुणाल घोष ने आगे कहा कि फिलहाल हमारी प्राथमिकता बीजेपी को हराना है.
डीएमके ने राउत के बयान को निजी बताया
इन सबको लेकर तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन का भी बयान आया है. इलंगोवन ने कहा है कि बीजेपी तमिलनाडु को नजरअंदाज कर रही है, तमिल लोगों और तमिल भाषा का अपमान कर रही है. हम इसे लेकर बीजेपी पर लगातार हमले कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर स्तर पर हम सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं.
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डीएमके प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पिछले साल राहुल गांधी ने बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी और चुनाव आयोग को बेनकाब किया. इंडिया ब्लॉक एक्टिव है और ममता सरकार अपना पक्ष रख रही है. उन्होंने यह भी कहा कि संजय राउत कुछ नहीं जानते. ये लोग सिर्फ बीजेपी की समर्थक गतिविधियां देखते हैं.
कांग्रेस का रुख क्या
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है. पवन खेड़ा ने संजय राउत के बयान पर कहा है कि वह वरिष्ठ नेता हैं. अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी इसे सुनेंगे और देखेंगे कि क्या करना है.
बीजेपी का तंज- राहुल सबसे बड़ी जिम्मेदारी
इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर छिड़ी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने तंज करते हुए कहा है कि इस गठबंधन में जो भी दल शामिल हैं, वह समझ गए हैं कि राहुल गांधी सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं. उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने पिछले चार साल राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरे के तौर पर पेश करने में बिताए. राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक हारा. राजीव चंद्रशेखर ने इंडिया ब्लॉक को कल का यूपीए बताते हुए कहा कि तब पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने और भ्रष्टाचार के अलावा देश को कुछ नहीं मिला.
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