तमिलनाडु में चुनाव के बाद जारी राजनीतिक हलचल के बीच विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने शुक्रवार को कहा कि एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल हुए चार पूर्व विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि दल-बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की एआईएडीएमके की याचिका पर 9 जून को इन चारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे.
प्रभाकर ने चेन्नई में पत्रकारों से कहा कि इन सदस्यों को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. उन्होंने कहा, एआईएडीएमके छोड़ने वाले विधायकों के मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है. उन्हें औपचारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं.
पीटीआई के मुताबिक, जिन चार पूर्व विधायकों के खिलाफ यह कार्यवाही शुरू हुई है, उनमें मरगथम कुमारवेल, एस जयकुमार, पी सत्यभामा और एसाक्की सुबाया शामिल हैं. ये चारों AIADMK विधायक पद से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम में शामिल हो गए थे. 13 मई को विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान ये उन 25 बागी विधायकों में शामिल थे जिन्होंने टीवीके सरकार के पक्ष में वोट किया था.
प्रभाकर ने यह भी कहा कि उनके फैसले विधानसभा के भीतर आधिकारिक पत्राचार के आधार पर लिए गए हैं और इनका बाहरी राजनीतिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है. वहीं, 21 बागी एआईएडीएमके विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही खत्म कर दी गई है, क्योंकि पार्टी ने अपनी मांग वापस ले ली.
पूर्व राज्य मंत्री एस पी वेलुमणि के नेतृत्व वाला समूह हाल ही में एआईएडीएमके महासचिव एडप्पडी. के. पलानीस्वामी से मिला और दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई. इसके बाद उन्होंने पलानीस्वामी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए एकजुट एआईएडीएमके के तौर पर काम करने पर सहमति जताई. ऐसे में फिलहाल अध्यक्ष का फोकस उन चार पूर्व विधायकों पर शुरू की गई कानूनी प्रक्रिया पर है, जिन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.
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