सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को मंगलवार को जमानत दी थी. आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तें तय कर दी हैं. कोर्ट ने जमानत की पांच शर्तें तय की हैं.
संजय सिंह के वकीलों ने उनकी जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया. वकील ने बताया कि संजय सिंह का जमानत बॉन्ड भरने के लिए जमानतदार उनकी पत्नी हैं. वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल सांसद हैं. उनके भागने का खतरा नहीं है. मामले पर ईडी ने कहा कि हम केवल इतना बताना चाहते हैं कि शर्त ये है कि वह (संजय सिंह) दिल्ली शराब घोटाले मामले में अपनी भूमिका के बारे में प्रेस में चर्चा नहीं कर सकते. आइए जानते हैं, क्या हैं वे पांच शर्तें, जिन पर संजय सिंह को जमानत दी गई है.
1) संजय सिंह की जमानत की शर्तें तय करते हुए अदालत ने कहा है कि वह दिल्ली-एनसीआर छोड़कर नहीं जाएंगे. अगर किसी स्थिति में दिल्ली-एनसीआर छोड़कर जाना पड़े तो इसकी अग्रिम सूचना प्रशासन को देनी होगी. अगर वह एनसीआर छोड़ते हैं तो वह अपनी यात्रा के कार्यक्रम को आईओ के साथ साझा करेंगे. इसके साथ ही वह अपनी लोकेशन शेयरिंग भी ऑन रखेंगे और उसे जांच अधिकारी (आईओ) के साथ साझा करेंगे.
2) संजय सिंह की जमानत के लिए एक आवश्यक शर्त ये भी है कि वह दिल्ली शराब घोटाले मामले और इसमें अपनी भूमिका को लेकर मीडिया में या फिर सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की टिप्पणी या चर्चा नहीं करेंगे.
3) कोर्ट ने संजय सिंह को अपना पासपोर्ट भी जमा करने को कहा है. पासपोर्ट को कोर्ट के समक्ष जमा करना भी एक जरूरी शर्त रखी गई है.
4) संजय सिंह को जांच में सहयोग करने को कहा है. इसके लिए कोर्ट ने कहा है कि वह जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएंगे.
5) जमानत की एक अहम शर्त ये भी है कि संजय सिंह सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेंगे.
संजय की जमानत शर्तों पर राउज एवेन्यू कोर्ट में क्या-क्या हुआ था?
राउज एवेन्यू कोर्ट में संजय सिंह के वकील ने कहा कि हमें संजय के लिए जमानत पत्र भरना होगा. इस पर कोर्ट ने पूछा- आपके पास जमानत का आदेश है? वकील ने हामी भरी. संजय सिंह की टीम ने ट्रायल कोर्ट को उनका जमानत आदेश दिया. संजय के वकील का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ एक ही शर्त लगाई है.
वकील का कहना था कि बाकी इस अदालत को तय करना है. वो संसद सदस्य हैं. संजय सिंह पत्नी जमानतदार के तौर पर खड़ी हैं. इस पर कोर्ट ने कहा था कि मुझे सुनने दीजिए कि ईडी को क्या कहना है. संजय सिंह के वकील ने कहा था कि मैंने खुद कहा कि मैं संसद सदस्य हूं. कोई जोखिम नहीं है. हिरासत के दौरान उन्हें संसद सदस्य के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है और इस अदालत ने इसकी अनुमति दी थी.
लीवर सिरोसिस से जूझ रहे संजय सिंह
संजय सिंह लीवर सिरोसिस से जूझ रहे हैं. वह डॉक्टरों की सलाह पर 24 घंटों के लिए अस्पताल में भर्ती थे. उन्हें अंतिम स्क्रीनिंग बायोप्सी के लिए ले जाया जा रहा है. अगर कुछ भी गंभीर नहीं पाया गया तो छुट्टी दे दी जाएगी. फिलहाल, उन्हें अंतिम स्क्रीनिंग/बायोप्सी के लिए ले जाया जा रहा है.
'छह महीने पहले अरेस्ट हुए थे संजय'
ईडी ने संजय सिंह 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया था. ED की चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने का जिक्र है. इसको लेकर ही 4 अक्टूबर को ED उनके घर पहुंची थी और उनसे 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन जैसे ही संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी तो AAP नेताओं ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है.
संजय सिंह पर क्या आरोप हैं?
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में संजय सिंह की हिरासत की मांग करते हुए ईडी ने अपने आवेदन में उन्हें 'प्रमुख साजिशकर्ता' करार दिया था. हालांकि वह शराब घोटाला मामले में आरोपी नहीं हैं, जिसकी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच की जा रही है. ईडी ने संजय सिंह पर कथित शराब घोटाले से उपजी 'अपराध की आय' को वैध बनाने का आरोप लगाया है. सीधे शब्दों में कहें तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह संजय सिंह पर भी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 के तहत 'अपराध की आय' को छिपाना भी अपराध है.
संजय शर्मा