वंदे मातरम् की गूंज, मणिपुर की झांकी और ऑपरेशन सिंदूर की गर्जना... रिपब्लिक डे परेड में क्या रहा खास

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य ताकत, स्वदेशी हथियार सिस्टम, ऑपरेशन सिंदूर की झलक और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्षों की थीम के साथ सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला.

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कर्तव्य पथ पर भारत ने अपनी रणनीतिक ताकत दिखाई. (Photo- ITG) कर्तव्य पथ पर भारत ने अपनी रणनीतिक ताकत दिखाई. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

भारत ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के साथ अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया. कर्तव्य पथ पर आयोजित इस ऐतिहासिक परेड की थीम राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर आधारित रही, जिसमें देश की एकता, परंपरा और आधुनिक ताकत का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस समारोह में यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. कर्तव्य पथ पर आज ऑपरेशन सिंदूर की गर्जन भी देखने को मिली.

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समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से हुई. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी से कर्तव्य पथ पहुंचीं. सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम करीब 90 मिनट तक चला.

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इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण हाल ही में गठित नई सैन्य इकाइयों और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई हथियारों का प्रदर्शन रहा. कांच से घिरे इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर के जरिए ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि कैसे 'विरासत, विविधता और विकास' के समन्वय से इस ऑपरेशन को सफलता मिली. ब्रह्मोस मिसाइल की आक्रामक क्षमता, आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 की मजबूत एयर डिफेंस क्षमता ने भारत की रणनीतिक ताकत को दर्शाया.

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कर्तव्य पथ पर दिखी भारत रणनीतिक ताकत

कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके-1 मेन बैटल टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) मार्क-2 ने सलामी मंच के सामने से गुजरते हुए भारत की बख्तरबंद और मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन किया. भारतीय नौसेना की झांकी में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को प्रदर्शित किया गया, जिसने आत्मनिर्भर भारत की समुद्री ताकत का संदेश दिया.

ड्रोन, टैंक और तोपखाने परेड में किए गए शामिल

इस बार पहली बार भारतीय सेना का चरणबद्ध युद्ध संरचना (Phased Battle Array) प्रदर्शन भी देखने को मिला, जिसमें ड्रोन, टैंक और तोपखाने को वास्तविक युद्ध जैसी स्थिति में दिखाया गया. इसके साथ ही हिम योद्धा दस्ते के बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्करी पोनी और प्रशिक्षित शिकारी पक्षी ब्लैक काइट्स ने दर्शकों का ध्यान खींचा. परेड में मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बाई और राजापालयम जैसी स्वदेशी नस्लों के सैन्य कुत्ते भी शामिल रहे.

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मणिपुर की झांकी भी कर्तव्य पथ पर देखने को मिली

राज्यों की झांकियों में मणिपुर, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों की सांस्कृतिक झलक दिखाई दी. ऊपर आसमान में प्रहार फॉर्मेशन के तहत ध्रुव एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर 'ऑपरेशन सिंदूर' का झंडा लेकर उड़ा, जबकि रुद्र एएलएच-डब्ल्यूएसआई और एएलएच मार्क-IV हेलिकॉप्टरों ने शक्ति प्रदर्शन किया. इनके अलावा वायु सेना के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर का फॉर्मेशन भी किया.

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