चीन की मनमानी के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, रेयर अर्थ मेगनेट स्कीम पर खर्च होंगे ₹7,280 करोड़

केंद्र सरकार ने बुधवार को उद्योग और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए दो अहम फैसले लिए. कैबिनेट ने रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण को प्रोत्साहन देने वाली ₹7,280 करोड़ की स्कीम मंजूर की, जिसका लक्ष्य वैश्विक निर्भरता कम करना है. साथ ही ₹9,858 करोड़ की लागत से पुणे मेट्रो के फेज-2 विस्तार को भी स्वीकृति दी गई.

Advertisement
रेयर अर्थ मैगनेट के निर्माण और एक्सपोर्ट पर चीन का कंट्रोल है. (सांकेतिक तस्वीर) रेयर अर्थ मैगनेट के निर्माण और एक्सपोर्ट पर चीन का कंट्रोल है. (सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

केंद्र सरकार ने बुधवार को देश के औद्योगिक और शहरी विकास को गति देने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स (REPM) के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने वाली नई योजना को मंजूरी दी गई है. इस महत्वाकांक्षी योजना का कुल बजट ₹7,280 करोड़ तय किया गया है.

Advertisement

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस स्कीम में ₹6,450 करोड़ की बिक्री-आधारित प्रोत्साहन राशि शामिल है, जो अगले पांच वर्षों में उद्योगों को दी जाएगी. सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि भारत रेयर अर्थ मैग्नेट्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने, क्योंकि वर्तमान में दुनिया के बड़े हिस्से की सप्लाई चीन नियंत्रित करता है.

यह भी पढ़ें: China से आई खुशखबरी, भारतीय कंपनियों को मिला रेयर अर्थ मिनरल्स का लाइसेंस

वैष्णव के अनुसार, रेयर अर्थ खनिज भारत के कई तटीय इलाकों और गुजरात और राजस्थान जैसे प्राचीन भूगर्भीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं. इनसे बनने वाले परमानेंट मैग्नेट्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, डिफेंस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष अनुसंधान और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में होता है. सरकार का मानना है कि इस स्कीम से न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि हजारों रोजगार अवसर भी पैदा होंगे और भारत की रणनीतिक क्षमताएं मजबूत होंगी.

Advertisement

पुणे मेट्रो के विस्तार को मंजूरी

बैठक में दूसरा बड़ा फैसला पुणे मेट्रो के विस्तार को मंजूरी देना रहा. केंद्रीय कैबिनेट ने फेज-2 के तहत लाइन-4 (खराड़ी-हड़पसर-स्वार्गेट-खडकवासला) और लाइन-4A (नाल स्टॉप-वर्जे-मानिक बाग) को स्वीकृति दी है. इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹9,857.85 करोड़ है और इसे पाँच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

यह भी पढ़ें: अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर बड़ा समझौता, चीन के लिए झटका!

रिहायशी क्षेत्रों को मिलेगी बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी

नई मेट्रो लाइनें लगभग 31.6 किलोमीटर लंबी होंगी और इनमें 28 एलिवेटेड स्टेशन विकसित किए जाएंगे. इससे पूर्व, पश्चिम और दक्षिण पुणे के आईटी पार्कों, व्यापारिक इलाकों, शिक्षा केंद्रों और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी. परियोजना का खर्च केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से वहन किया जाएगा.

सरकार का कहना है कि यह कदम न सिर्फ शहरी परिवहन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि ट्रैफिक दबाव घटाने, प्रदूषण कम करने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को तेजी देने में भी मदद करेगा. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »