अलविदा रामविलास पासवान: राहुल गांधी ने चिराग को चिट्ठी लिख जताया दुख, सरकारी दफ्तरों में झुका तिरंगा

देश के तमाम बड़े नेता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चिराग पासवान को चिट्ठी लिखी कर सांत्वना प्रकट की है. 

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रामविलास पासवान को अंतिम विदाई दे रहे हैं समर्थक रामविलास पासवान को अंतिम विदाई दे रहे हैं समर्थक

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST
  • रामविलास पासवान को अंतिम विदाई
  • राहुल गांधी ने चिराग को चिट्ठी लिख जताया दुख

बिहार के दिग्गज नेता और केंद्र सरकार में मंत्री रामविलास पासवान का बीती शाम निधन हो गया है. रामविलास पासवान काफी वक्त से बीमार थे और अस्पताल में ही भर्ती थे. शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर को 12 जनपथ स्थित आवास पर लाया गया, जबकि शनिवार को पटना में रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा. देश के तमाम बड़े नेता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चिराग पासवान को चिट्ठी लिखी कर सांत्वना प्रकट की है. 

राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘आपके पिता रामविलास पासवान के निधन की जानकारी सुनकर मुझे काफी दुख हुआ, हमने एक ऐसा नेता को खो दिया है जिन्होंने बिहार और देश की की राजनीति में बड़ी छाप छोड़ी. पांच दशकों के अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीब और पिछड़े लोगों की आवाज को उठाया और बतौर मंत्री भी ऐसे विषयों पर काम किया.’

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आपको बता दें कि शुक्रवार को रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत देश के बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. शुक्रवार शाम को ही रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को पटना ले जाया जाएगा, जहां शनिवार को अंतिम संस्कार होना है. इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से रविशंकर प्रसाद प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रहेंगे. 

गुरुवार को राष्ट्रीय शोक के रूप में राष्ट्रपति भवन, संसद भवन समेत सभी सरकारी दफ्तरों में तिरंगे को आधा झुकाया गया. रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. 

गौरतलब है कि 74 साल के रामविलास पासवान केंद्र सरकार में मंत्री थे और कई दिनों से बीमार व एम्स में भर्ती थे. बिहार के बड़े दलित नेता के तौर पर उन्होंने अपने आप को स्थापित किया, साथ ही करीब आधा दर्जन से अधिक केंद्र सरकारों के कार्यकाल में वो मंत्री पद पर रहे. 

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