प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यों से कहा कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े मौकों, साइबर फ्रॉड और ड्रग्स के गलत इस्तेमाल जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों से निपटने के उपायों के बीच संतुलन बनाएं. इसके साथ ही, उन्होंने अल-नीनो (El Nino) की स्थितियों से जुड़े खतरों के बारे में चेतावनी, जल संरक्षण के लिए और मजबूत कदम उठाने की बातें कही.
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे वक्त में जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित कर रही है.
उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति देश के संकल्प को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया और ग्लोबल स्तर पर अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को अपनाने और लागू करने की अहमियत पर जोर डाला.
कई देशों के साथ भारत के हालिया व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने राज्यों से युवाओं और MSMEs के लिए मौके पैदा करने और संबंधित लोगों (स्टेकहोल्डर्स) को इन समझौतों का प्रभावी ढंग से फायदा उठाने के लिए तैयार करने को कहा है. उन्होंने राज्यों को सहयोगी देशों से इन्वेस्टमेंट आकर्षित करने की सलाह भी दी.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सहकारी संघवाद के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा. पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि 'विकसित भारत' का विजन हर राज्य, जिले, ब्लॉक और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए.
अपनी बात रखते हुए, उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर फ्रॉड जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए रोकथाम के उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के जरिए समन्वित प्रयासों की जरूरत पर भी जोर दिया.
इन्वेस्टमेंट आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे की अहमियत का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने राज्यों से ब्रांडिंग, 'ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस' और डेटा सेंटर व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी की मैन्युफैक्चरिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी स्किल्स से लोगों को लैस करने के लिए और ज्यादा कोशिशें करने का आह्वान किया.
दिन भर चली इस मीटिंग में सभी 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया. यह पहली बार है, जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सालाना बैठक में भाग लिया.
बैठक के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सभी राज्यों के विकसित हुए बिना भारत 'विकसित भारत' नहीं बन सकता.
नीति आयोग के एक सदस्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से स्थानीय स्तर पर विकास का पता लगाने के लिए जिला स्तर पर GDP ग्रोथ का अनुमान लगाने को भी कहा. लाहिड़ी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्यों से 'एक ज़िला, एक उत्पाद' (ODOP) पहल पर ध्यान देने और इसके आधार पर निर्यात-केंद्रित रणनीतियां बनाने की बात कही.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने रक्षा निर्माण को भी एक उभरते हुए सेक्टर के तौर पर पहचाना, जिसमें भारत अपनी एक अलग पहचान बना रहा है. उन्होंने राज्यों को इस सेक्टर की ग्रोथ से पैदा होने वाले मौकों का फायदा उठाने के लिए नीतियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया.
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