युवा बना रहे रिकॉर्ड, 'मन की बात' में PM मोदी का खास संदेश, एस्ट्रोनॉमी पर भी बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हुए युवाओं के बढ़ते हौसलों और नए रिकॉर्ड्स की तारीफ की. इसके साथ ही उन्होंने अपनी हालिया नीदरलैंड्स यात्रा के अनुभवों को भी देशवासियों के साथ शेयर किया.

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PM मोदी ने कहा, भारतीयों में एस्ट्रोनॉमी को लेकर विशेष आकर्षण रहा है. (File Photo: ITG) PM मोदी ने कहा, भारतीयों में एस्ट्रोनॉमी को लेकर विशेष आकर्षण रहा है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:19 PM IST

PM नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में देशवासियों से कई अहम बातें शेयर कीं. उन्होंने युवाओं की अद्भुत प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के एथलीट नए-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. इस दौरान उन्होंने भारतीय एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बातचीत का जिक्र भी किया.

गुरिंदरवीर ने बताया, 'मैं इंडियन नेवी में पेटी ऑफिसर हूं और भारत का सबसे तेज स्प्रिंटर हूं. हाल ही में मैंने 100 मीटर में 10.09 सेकंड का नेशनल रिकॉर्ड बनाया है.' वहीं, अनिमेष कुजूर ने बताया कि वो भी नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं.

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पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में बताया कि हाल ही में उन्हें नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला. वहां उन्होंने कई बैठकों में हिस्सा लिया. इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया.

नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं. इस कार्यक्रम में नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे. इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर देश-विदेश से लगातार संदेश मिल रहे हैं.


PM मोदी ने कहा कि चोल साम्राज्य के समृद्ध इतिहास और संस्कृति पर हम सभी को गर्व है. उन्होंने बताया कि सरकार भारत की ऐसी अमूल्य धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में 'ज्ञान भारतम् अभियान' के तहत छत्तीसगढ़ के मल्हार में भी एक महत्वपूर्ण खोज हुई है. यहां तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाएं मिली हैं, जो पांडुवंशी राजवंश के महर्षि बालार्जुन के शासनकाल से जुड़ी मानी जा रही हैं.

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खगोल विज्ञान पर बोले PM मोदी

PM मोदी ने खगोल विज्ञान का जिक्र करते हुए कहा, भारतीयों में खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी के प्रति हमेशा विशेष आकर्षण रहा है. हमारे देश में आज भी सदियों पुरानी वेधशालाएं मौजूद हैं. यहां अद्भुत गणितीय खोजें हुई हैं. चाहे नेविगेशन हो, पंचांग हो या हमारे पर्व-त्योहार, इन सबका संबंध आकाश और तारों से रहा है.

आजकल देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक इनकी गतिविधियां दिखाई देती हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली है. यहां ऑब्ज़र्वेशनल सेशंस आयोजित किए जाते हैं.

भारत की पहली गंगा डॉल्फ़िन रेस्क्यू एम्बुलेंस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली गंगा डॉल्फ़िन रेस्क्यू एम्बुलेंस के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश की एक घटना है, जहा एक गंगा डॉल्फ़िन नहर में फंस गई थी. ऐसे समय में 'नमामि गंगे अभियान' के तहत बनी एम्बुलेंस उसके लिए उम्मीद बनकर पहुंची. सावधानी से उसे बाहर निकाला गया, उसकी जांच और इलाज किया गया और उसके बाद उसे सुरक्षित रूप से राप्ती नदी में छोड़ दिया गया. 

PM नरेंद्र मोदी ने आगे बताया कि तमिलनाडु के नागरकोइल में उनकी मुलाकात एक शिक्षिका से हुई. करीब तीन दशक पहले भी वे गिरिजा अम्मा से मिले थे.  इस मुलाकात के दौरान कुछ युवा छात्र भी उनके साथ थे.

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गिरिजा अम्मा जी करीब 15 स्कूलों का संचालन करती हैं, जिनमें चेन्नई का जयगोपाल गरोडिया हिन्दू विद्यालय प्रमुख है. उनकी देशभक्ति की भावना हर भारतवासी को प्रेरित करने वाली है. 

उन्होंने 'मन की बात' से प्रेरणा लेकर देश के अनेक सैनिकों के लिए योगदान का संकल्प लिया. इसके लिए उन्होंने अपने सभी स्कूलों के छात्रों को प्रेरित किया. उन्होंने बच्चों से कहा कि वे वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें. इस तरह एक साल में प्रत्येक छात्र की ओर से 365 रुपये जमा हुए. इन छोटे-छोटे योगदानों से लगभग 40 लाख रुपये इकट्ठा हुए.

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