दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की आड़ में भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स ने भ्रामक जानकारियों और फर्जी खबरों का एक संगठित अभियान चला दिया है. दावा किया गया है कि जनता को गुमराह करने और माहौल बिगाड़ने के मकसद से सोशल मीडिया पर कई मनगढ़ंत, पुराने और एआई-जनरेटेड वीडियो तेजी से प्रसारित किए जा रहे हैं.
भारतीय सेना की फैक्ट चेक यूनिट और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने ऐसे दावों की जांच शुरू की है. फैक्ट चेक में कई वीडियो और दावों को फर्जी और भ्रामक बताया गया है.
जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर 400 से ज़्यादा पाकिस्तानी अकाउंट मिले हैं. ये अकाउंट छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को भड़का रहे हैं और सरकार के खिलाफ नकारात्मक जानकारी फैला रहे हैं. सरकार जल्द ही इन अकाउंट्स को ब्लॉक कर सकती है.
एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो में यह झूठा दावा किया गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सरकारी तंत्र की पूरी ताकत से निपटने की धमकी दी है. सेना और पीआईबी ने साफ किया कि यह बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है और मूल वीडियो में नकली ऑडियो जोड़कर इसे एडिट किया गया है.
इसी तरह एक अन्य फर्जी वीडियो में पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम से कथित बयान प्रसारित किया गया. इस वीडियो को भी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों से जोड़कर पेश किया गया, जबकि फैक्ट चेक में इसे गलत और भ्रामक बताया गया.
PIB फैक्ट चेक ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के नाम से वायरल एक वीडियो का भी खंडन किया. इस वीडियो में उन्हें दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था. PIB फैक्ट चेक के मुताबिक, मूल वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसमें AI से तैयार नकली आवाज जोड़ी गई थी.
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का दावा भी फर्जी
भारतीय सेना ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना के जवानों को तैनात किया गया है या सेना ने आम नागरिकों पर बल प्रयोग किया है. सेना ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य निर्धारित सुरक्षा एजेंसियों की है.
वहीं, प्रदर्शनों के दौरान लोगों की मौत होने के दावों को भी PIB फैक्ट चेक ने गलत बताया है. इसके लिए दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है.
अधिकारियों ने लोगों को यह भी आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और AI से बनाए गए वीडियो को नए कैप्शन के साथ दोबारा प्रसारित किया जा रहा है. इन वीडियो को मौजूदा दिल्ली प्रदर्शनों का बताकर शेयर किया जा रहा है, जबकि उनका मौजूदा घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है.
लोगों से की गई अपील
भारतीय सेना की फैक्ट चेक इकाई के मुताबिक, इस कथित दुष्प्रचार अभियान में असली वीडियो के साथ छेड़छाड़, नकली ऑडियो, गलत बयान और भ्रामक कैप्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका उद्देश्य भारतीय सेना और सरकारी संस्थानों के प्रति लोगों के भरोसे को कमजोर करना और जनता के बीच भ्रम पैदा करना बताया गया है.
दावे के मुताबिक, भारत विरोधी तत्व दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों का फायदा उठाकर लोगों की राय को प्रभावित करने, युवाओं को भड़काने और सोशल मीडिया के जरिए भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.
भारतीय सेना और PIB फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि किए फर्जी या भ्रामक सामग्री को आगे बढ़ाने से गलत सूचना फैलाने वाले अभियानों को मदद मिल सकती है.
शिवानी शर्मा / पीयूष मिश्रा