उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है. भीषण गर्मी और लू के सितम के बीच लोग राहत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अभी 2-3 दिन ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है. उत्तर भारत के कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है.
बठिंडा, फरीदकोट, रोहतक, हिसार और आसपास के इलाकों में दिन का पारा 46 से 47 डिग्री तक चढ़ रहा है. दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग घरों के अंदर ही रहने को मजबूर हैं. किसान, मजदूर और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.
इस बार की गर्मी चार दशक पुराने रिकॉर्ड को चुनौती दे रही है. पंजाब में बठिंडा ने मई 1984 में 48.5°C का रिकॉर्ड बनाया था, जबकि फरीदकोट इन दिनों लगभग 47°C तक पहुंच चुका है. हरियाणा में हिसार का 19 जून 1981 का 48.4°C का सर्वाधिक तापमान अब भी कायम है. इस मौसम में रोहतक 46.9°C तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान है.
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मौसम विभाग, चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. सुरेंदर पाल ने बताया कि अगले दो दिनों में पंजाब से सटे हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों से कुछ हल्की राहत मिल सकती है, क्योंकि स्थानीय मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं. हालांकि, पूरे पंजाब-हरियाणा में भीषण गर्मी पूरे महीने जारी रहने की संभावना है.
इन राज्यों में IMD का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आने वाले एक सप्ताह तापमान लगातार बढ़ेगा. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश,ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, बंगाल समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ईस्ट उत्तर प्रदेश, ईस्ट मध्य प्रदेश और विदर्भ में आने वाले तीन दिनों के लिए गर्मी की रेड वार्निंग है. बता दें कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल में पश्चिमी विक्षोभ के दस्तक देने से बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. जिससे वहां के लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि, इसका असर मैदानी राज्यो में नहीं देखा जाएगा.
मॉनसून कब देगा दस्तक?
मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून 23-24 मई को अंडमान तट दस्तक दे सकता है. वहीं, केरल में 26 मई को मॉनसून के पहुंचने की संभावना है. वहीं, उत्तर भारत में 22 जून के आसपास मॉनसून पहुंच सकता है.
गर्मी से कब मिलेगी राहत?
अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस साल सामान्य से काफी पहले आगे बढ़ रहा है. सामान्य तारीख से लगभग एक सप्ताह पहले ही केरल में मॉनसून की दस्तक की खबर है. यदि मौसम अनुकूल रहा तो मॉनसून उत्तर भारत में 22 जून के आसपास पहुंच सकता है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मॉनसून की रफ्तार बनी रही तो पंजाब-हरियाणा सहित उत्तर भारत को जून के तीसरे सप्ताह में ही राहत मिलने की उम्मीद है. इस समय लोगों की निगाहें मॉनसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं.
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गर्मी से बढ़ी बिजली की खपत
भीषण गर्मी में बिजली खपत ने भी आसमान छू लिया है. पंजाब में बुधवार को बिजली की मांग 14,335 मेगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले साल के इसी दिन के 14,026 मेगावाट से ज्यादा है. मात्र पांच दिनों में मांग में 30.5% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. गर्मी में एयर कंडीशनर, कूलर के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से बिजली की खपत में इजाफा हुआ है.
बता दें कि पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन (PSPCL) की अपनी थर्मल जनरेशन क्षमता करीब 5,680 मेगावाट है, लेकिन इन-हाउस उत्पादन सिर्फ 4,000 मेगावाट के आसपास ही रह रहा है. नतीजतन, यूटिलिटी को 10,384 मेगावाट बिजली बाहरी स्रोतों से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है. इससे PSPCL की पर और दबाव बढ़ गया है.
भीषण गर्मी में मौसम विभाग की सलाह है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बिल्कुल न निकलें. खूब पानी और ORS का सेवन करें. हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें. गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से सतर्क रहें. उत्तर भारत फिलहाल तपिश की मार झेल रहा है, लेकिन जल्द ही मॉनसून की बारिश राहत लेकर आने वाली है. 22 जून की संभावित तारीख फिलहाल उम्मीद की किरण बनी हुई है.
अमन भारद्वाज / अनमोल नाथ