आंखों देखी: मजदूरों के प्रदर्शन की पूरी तस्वीर, नोएडा से फरीदाबाद तक हालात कैसे बिगड़े

नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया और कई जगह हालात बेकाबू हो गए. यह पूरा आंदोलन वेतन बढ़ाने और काम की खराब परिस्थितियों के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ कई जगह हिंसा भी देखने को मिली.

Advertisement
नोएडा में वेतन, छुट्टी और सम्मान की मांग को लेकर मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूटा (Photo: ITG) नोएडा में वेतन, छुट्टी और सम्मान की मांग को लेकर मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूटा (Photo: ITG)

सचिन गौड़ / भूपेन्द्र सोनी

  • नोएडा, फरीदाबाद,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

नोएडा से भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट: आज सुबह 8:00 बजे मैं नोएडा के NSEZ के पास पहुंचा, जहां एलिवेटेड रोड उतरता है. यहीं से मजदूरों की भीड़ दिखनी शुरू हो गई. मीडिया आईडी देखकर मजदूर भड़क रहे थे और बात करने से मना कर रहे थे. वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात थी.

इसके बाद मैं किसी तरह सेक्टर 85 के पास एक निजी न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में मजदूर हंगामा कर रहे थे. मैंने कुछ मजदूरों से बात की. एक मजदूर रमेश ने कहा कि सैलरी बहुत कम है. इतनी महंगाई में घर का किराया देना पड़ता है और 400 रुपये में गैस खरीदनी पड़ती है. इसलिए हम अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

Advertisement

एक मजदूर नाजिम अंसारी ने बताया कि 8 घंटे की ड्यूटी है, हमें ओवरटाइम नहीं चाहिए, हमें बढ़ी हुई सैलरी चाहिए. एक महिला मजदूर ने कहा कि हमारी बात नहीं सुनी जा रही है, हमारी आवाज को दबाया जा रहा है.

इसके बाद करीब 11:30 बजे मैं फेज 2 इलाके में गया, जहां बड़ी संख्या में मजदूर दिखाई दिए. वे अलग-अलग कंपनियों के दरवाजों पर लाठी-डंडों से वार कर रहे थे. बाहर रखे गार्ड के बैठने वाले बूथ को सड़कों पर फेंक दिया गया था. कई जगह आग लगाने की भी कोशिश की गई.

हालांकि, बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बसों में पहुंची और बाहर निकलकर सभी प्रदर्शनकारियों को थाना फेज 2 के पास चौराहे तक खदेड़ दिया. इस दौरान फोर्स ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज भी किया और मजदूरों को तितर-बितर किया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद एक्शन में योगी सरकार, हाई-पावर कमेटी बनाई, फैक्ट्री वर्कर्स-बिजनेसमैन संग होगी बातचीत; उपद्रवियों को दी चेतावनी

इस दौरान कुछ मजदूर ग्रीन बेल्ट पार कर सूरजपुर से नोएडा आने वाली सड़क पर पहुंच गए. इसके बाद मैं मदरसन कंपनी के पास पहुंचा. वहां मैंने देखा कि पुलिस की गाड़ियां जली हुई थीं और सड़क पर पलटी हुई थीं. वहीं कंपनी के बाहर दरवाजे पर पत्थरों के टुकड़े पड़े हुए थे.

इसके बाद करीब 3:30 बजे मैं सेक्टर 63 की तरफ गया, जहां एक सर्विस सेंटर के बाहर खड़ी गाड़ियां जली हुई मिलीं. बाहर 4 गाड़ियां जली हुई थीं और सर्विस सेंटर के अंदर भी कई गाड़ियां जली हुई थीं. कुछ बाइक भी जली हुई थीं. गार्ड रूम भी जला हुआ था और सर्विस सेंटर का शीशा भी टूटा हुआ था.

फिर मैं करीब 4 बजे सेक्टर 67 पहुंचा. वहां एक कंपनी के शीशे टूटे हुए थे. वहीं डीएम और पुलिस कमिश्नर मौके का जायजा लेने पहुंचे हुए थे.

शाम करीब 6:45 बजे मैं फेज 2 थाने के पास पहुंचा, जहां भारी पुलिस फोर्स मौजूद थी. थाने से पहले बैरिकेडिंग की गई थी. बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी. पुलिस कमिश्नर भी थाने में मौजूद थे. पूरे इलाके में हालात सामान्य थे और सभी रास्ते खुले हुए थे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नोएडा प्रोटेस्ट पर पुलिस का दावा- 50 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया हैंडल से फैलाई गई अफवाह

फरीदाबाद में प्रदर्शन

फरीदाबाद से सचिन गौड़ की रिपोर्ट: गुरुग्राम के मानेसर से शुरू हुई कर्मचारियों की हड़ताल में पहले नोएडा का नाम जुड़ा, उसके बाद आज फरीदाबाद में भी कर्मचारी सड़क पर उतर आए और हड़ताल कर दी.

फरीदाबाद में सेक्टर 37 स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारियों ने सड़क जाम कर कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. आज सुबह करीब 8:50 बजे मुझे कॉल आया कि सेक्टर 37 स्थित मदरसन कंपनी के हजारों मजदूरों ने हड़ताल कर दी है. इसके बाद मैंने तुरंत कैमरा पर्सन निर्मल को फोन किया और मौके पर पहुंचने के लिए कहा.

हम दोनों करीब 9:20 बजे वहां पहुंचे. कंपनी के बाहर सैकड़ों मजदूर मौजूद थे और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया गया था. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद थी और मजदूरों को समझाकर रास्ता खुलवाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अड़े थे.

जैसे ही पुलिस को कर्मचारियों के सड़क पर उतरने की सूचना मिली, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत सराय ख्वाजा थाना, थाना पल्ला और थाना सेक्टर 31 की पुलिस फोर्स ACP सेंट्रल राजीव कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची. इसमें करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल थे.

Advertisement

मदरसन कंपनी में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन सुबह 9 बजे शुरू हुआ. दरअसल, कंपनी में मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध कई दिनों से चल रहा था. लेकिन जब 5 दिन पहले हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की और कंपनी की तरफ से इसे लागू नहीं किया गया, तो मजदूरों का गुस्सा भड़क गया.

एक मजदूर अजीत ने बताया कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है. कैंटीन में गंदा और बासी खाना मिलता है. पुराने और नए कर्मचारियों का वेतन लगभग समान है. मजदूरों की सैलरी 11,000 रुपये है, जिसमें इन-हैंड करीब 9,000 रुपये मिलते हैं. उन्होंने कहा कि इतने कम पैसे में गुजारा करना मुश्किल है.

यह भी पढ़ें: 'खाना-पीना छोड़िए, टॉयलेट तक नहीं जा पाते...', सैलरी ही नहीं, प्रोटेस्टर्स के सामने ये भी परेशानियां

अजीत ने यह भी बताया कि कंपनी में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है. किसी कर्मचारी के घर में कोई आपात स्थिति होने पर उसे समय पर जानकारी नहीं मिल पाती. छुट्टी लेने पर वेतन काट लिया जाता है.

मजदूरों के समर्थन में पहुंचे सीटू (CITU) के जिला सचिव वीरेंद्र डंगवाल ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन 15,200 रुपये दिया जाना चाहिए. इसके अलावा बेहतर खाना, ट्रांसपोर्ट भत्ता, छुट्टी और काम के तय समय की व्यवस्था होनी चाहिए.

Advertisement

महिला मजदूर महालक्ष्मी ने बताया कि वह पिछले 5 साल से काम कर रही हैं, लेकिन उनकी सैलरी 11,000 रुपये ही है. जो 9 साल से काम कर रहा है, उसकी भी यही सैलरी है और नए कर्मचारियों की भी. महिला कर्मचारियों के लिए अलग टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है और मैनेजमेंट का व्यवहार भी ठीक नहीं है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »