बाढ़, क्लाउडबर्स्ट और भूस्खलन... जम्मू-कश्मीर, हिमाचल से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक कुदरत ने मचाया कहर

देशभर में बारिश ने भारी तबाही मचाई है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सबसे गंभीर स्थिति जम्मू-कश्मीर की बताई जा रही है.

Advertisement
भूस्खलन और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त (Photo: PTI) भूस्खलन और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त (Photo: PTI)

आजतक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

क्या पहाड़ क्या मैदान, कुदरत ने हर जगह तबाही मचा रखी है. बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की जान मुश्किल में डाल दी है. जम्मू में इतना पानी बरसा है कि सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं. जम्मू के कई शहर पानी-पानी हैं. हिमाचल प्रदेश में भी मौसम की मार है तो अरुणाचल में सड़कों पर चट्टानें बरसी हैं. 

कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में बड़ा हादसा हुआ है. लैंडस्लाइड की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 14 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. वहां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है.

Advertisement

जम्मू कश्मीर के डोडा में बादलों ने कहर बरपाया है. बादल फटने के बाद तबाही का मंजर देखा जा सकता है. कई मकान बह गए और चार लोगों की जान चली गई. पानी इतने तेज वेग से बहा कि अपने साथ दर्जनों मकान और लोगों को भी बहा ले गया. इन तस्वीरों ने लोगों के मन में दहशत भर दी है. लोग चिल्लाने लगे और ईश्वर को पुकारने लगे.

डोडा में बादल फटा, चार की मौत

डोडा के खारा चारवाह इलाके में खतरे का सायरन बज रहा है ताकि लोग सुरक्षित जगहों पर चले जाएं. सुरक्षाकर्मी घर-घर जाकर लोगों को निकाल रहे हैं. इलाके में भूस्खलन हुआ है, पुल बहने की आशंका है और कई घर तबाह हो गए हैं. अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. पानी के प्रकोप में कई घर ढह गए और बह गए हैं.

Advertisement

डोडा के साथ-साथ पूरा जम्मू त्राहि-त्राहि कर रहा है. कई शहरों में इतना पानी बरसा है कि हालात बिगड़ गए हैं. सड़कों पर सैलाब उमड़ आया है, नदियां उफान पर हैं और घरों में पानी घुस गया है.

जम्मू में जल प्रलय

जम्मू के सुजवान इलाके में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस आया है. चारों तरफ सैलाब ही सैलाब है. जहां मैदान थे वहां समंदर जैसा नजारा है. तावी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और उसका तेवर लोगों के जीवन पर भारी पड़ रहा है. तावी पर बने पुल थरथरा रहे हैं. जम्मू रेलवे स्टेशन पर इतना पानी भर गया कि बसें और कारें डूब गईं.

किश्तवाड़ में भी बादल फटा है. यहां भी बर्बादी की तस्वीरें सामने आई हैं. देखते ही देखते एक पुल नदी में समा गया. अखनूर में भी चिनाब नदी उफान पर है. सुरक्षाकर्मी अनाउंसमेंट करके लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रहे हैं.

ऊधमपुर में भी बादलों ने तबाही मचाई है. मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. कठुआ में सेवा नदी उफान पर है. भद्रवाह में भी जोरदार बरसात के बाद पानी ने खतरनाक रुख अख्तियार किया है. एनएच-44 पर भूस्खलन के कारण सड़कों पर तबाही का मंजर है.

Advertisement

गाड़ीगढ़ में कुछ लोग पानी के बीच फंस गए जिन्हें आर्मी के जवानों ने सुरक्षित निकाला. उधमपुर में हाइवे किनारे एक पेट्रोल पंप के पास इमारत ढह गई और मलबे में पेट्रोल पंप दब गया. गनीमत रही कि हादसे में बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

अधकुमारी के पास भी भयानक लैंडस्लाइड हुआ जिसमें कई श्रद्धालु फंस गए. सेना और एसडीआरएफ के जवान रेस्क्यू में जुटे हुए हैं.

जम्मू में नदी के तेज बहाव में एक पुल का हिस्सा धंस गया. इसके बाद कई गाड़ियां उसमें गिर गईं और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई.

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन

अरुणाचल प्रदेश के तवांग ज़िले में भूस्खलन के कारण बड़ी चट्टानें सड़कों पर आ गिरीं. कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं, हालांकि किसी की मौत की खबर नहीं है. दिरांग कैंप और न्युकदुंग के बीच बालीपारा-चारिद्वार-तवांग राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह हादसा हुआ. फिलहाल सड़क को साफ करने का काम जारी है और प्रशासन ने अपील की है कि लोग इस मार्ग पर यात्रा न करें.

हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही मची है. भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से सड़कें टूट गई हैं और कई होटल-इमारतें बह गईं हैं. मंगलवार सुबह तक राज्य में 690 सड़कें बंद हो गईं हैं. 20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल में बारिश से जुड़े हादसों में 156 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 लापता हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »