सीटें 17, दावेदार 3... महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर महायुति में क्यों हो रही खींचतान?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि सीटों को लेकर लगातार बातचीत जारी है. उन्होंने बताया कि शिंदे गुट के पास मौजूद नासिक और संभाजीनगर सीटों पर शिवसेना से विशेष चर्चा चल रही है, जबकि पुणे सीट को लेकर एनसीपी के साथ बातचीत हो रही है.

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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर महायुति में टकराव. (Photo: PTI) महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर महायुति में टकराव. (Photo: PTI)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST

महाराष्ट्र में विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनावी बिगुल बजते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है. 25 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर गंभीर खींचतान सामने आ गई है. राज्य की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों ने इस चुनाव को बेहद अहम बना दिया है.

पहले इन 17 सीटों पर स्थानीय संस्थागत ताकत के आधार पर बीजेपी के पास 7, शिवसेना के पास 5, एनसीपी के पास 3 और कांग्रेस के पास 2 सीटें थीं. अपनी पिछली मजबूत स्थिति का हवाला देते हुए बीजेपी ने अब 12 सीटों पर दावा ठोक दिया है. वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना 7 सीटों की मांग पर अड़ी हुई है जबकि अजीत पवार की एनसीपी कम से कम तीन सीटें चाहती है, जिनमें रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग जैसी अहम सीट भी शामिल है.

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गठबंधन में दरार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि सीटों को लेकर लगातार बातचीत जारी है. उन्होंने बताया कि शिंदे गुट के पास मौजूद नासिक और संभाजीनगर सीटों पर शिवसेना से विशेष चर्चा चल रही है, जबकि पुणे सीट को लेकर एनसीपी के साथ बातचीत हो रही है. फडणवीस ने भरोसा जताया कि गठबंधन जल्द ही गतिरोध खत्म कर सौहार्दपूर्ण समाधान निकाल लेगा.

इस बीच एनसीपी (अजित गुट) के नेता उमेश पाटिल ने जय पवार की उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जय पवार आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनकी जगह पुणे से किसी जमीनी कार्यकर्ता को मौका दिया जाएगा. पाटिल ने कहा कि स्थानीय पार्षद और जिला परिषद सदस्य ही इस चुनाव के मुख्य मतदाता होते हैं इसलिए एकजुट होकर लड़ने पर महायुति सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज करेगी.

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वहीं, विपक्ष ने भी इस मौके पर सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साधा. एनसीपी (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने बीजेपी के बड़े दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सिर्फ सहयोगी दलों की सीटों पर नजर नहीं रख रही बल्कि 2029 विधानसभा चुनाव के लिए शिंदे सेना और अजित पवार गुट के नेताओं को बीजेपी के टिकट पर उतारने के लिए तोड़फोड़ की रणनीति भी बना रही है।.

निर्वाचन क्षेत्र और निवर्तमान MLC 

सोलापुर- प्रशांत परिचारक (बीजेपी)
जलगांव- चंदुभाई पटेल (बीजेपी)
भंडारा-गोंदिया- परिणय फुके (बीजेपी)
वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली- रामदास आंबटकर (बीजेपी)
अमरावती- प्रवीण पोटे (बीजेपी)
धाराशिव-लातूर-बीड़- सुरेश धस (बीजेपी)
नागपुर (उपचुनाव)- चंद्रशेखर बावनकुले (बीजेपी)
अहिल्यानगर- अरुणकाका जगताप (एनसीपी)
पुणे- अनिल भोसले (एनसीपी)
रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग- अनिकेत तटकरे (एनसीपी)
ठाणे- रवींद्र फाटक (शिवसेना)
नासिक- नरेंद्र दराडे (शिवसेना)
यवतमाल- दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना)
परभणी-हिंगोली- विप्लव बजोरिया (शिवसेना)
छत्रपति संभाजीनगर-जालना- अंबादास दानवे (शिवसेना)
सांगली-सातारा- मोहनराव कदम (कांग्रेस)
नांदेड़- अमर राजूरकर (कांग्रेस)

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