लेह में 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लगा लंबा जाम, सेना के जवानों की मदद से 5 घंटे बाद खुला

शनिवार को वीकेंड और बर्फबारी की वजह से को 18,000 फीट की ऊंचाई पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. पर्यटकों को काफी मुसीबत उठानी पड़ी क्योंकि इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल भी काफी कम होता है

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लेह में लगा लंबा जाम लेह में लगा लंबा जाम

कुमार कुणाल

  • लेह,
  • 18 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST
  • 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लगा लंबा जाम
  • भारतीय सेना के जवानों ने 5 घंटे बाद खुलवाया

उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. यहां अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री तक पहुंच गया है. वहीं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी लेह के कुछ इलाकों में खूब बर्फबारी हो रही है. उत्तर भारत में इस समय एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है और उसकी वजह से लद्दाख के कुछ इलाकों में बर्फबारी हुई है. 

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उत्तर भारत के लोगों ने गर्मी की वजह से लद्दाख का रुख किया है और बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों वाली डेस्टिनेशन पर जा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या की वजह से एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. दरअसल बर्फ और पहाड़ में सड़कों की चौड़ाई ज्यादा नहीं होती और कहीं-कहीं बर्फबारी की वजह से सड़कों पर जाम लग जाता है. विश्व के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास खारदुंगला में भी यही हुआ, यहां ट्रैफिक जाम बड़ी मुसीबत बन गया. 

18 हजार फीट ऊंचाई पर लगा जाम

शनिवार को वीकेंड और बर्फबारी की वजह से को 18,000 फीट की ऊंचाई पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. पर्यटकों को काफी मुसीबत उठानी पड़ी क्योंकि 18,000 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल भी काफी कम होता है और ऐसे में लंबे जाम में कई घंटों तक फंसा रहना सेहत के हिसाब से भी कई लोगों के लिए मुश्किल की वजह बन गया. दरअसल खारदुंगला पास कई लिहाज से काफी अहम है क्योंकि कई सैन्य इलाकों को भी रसद की सप्लाई इसी रास्ते से की जाती है. ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ कई सैनिक वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे. 

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बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किल

इस बीच लगातार बर्फबारी भी हो रही थी और उसने ड्राइविंग को और मुश्किल बना दिया. हालांकि पर्यटकों के लिए जून के मौसम में बर्फबारी का लुत्फ उठाना अपने आप में अनूठा और रोमांचकारी वाला भी. आखिरकार भारतीय सेना के जवानों की मदद से लगभग 5 घंटे का यह जाम खुलवाया जा सका और मुश्किलों से लोगों को राहत मिली और आगे की यात्रा भी शुरू हो पाई.

 

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