कोलकाता: जूनियर डॉक्टरों को धमकी देने का आरोप, संदीप घोष के करीबी तीन डॉक्टरों पर FIR

कोलकाता रेप-मर्डर मामले की जांच के बीच मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के तीन डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. आरोप है कि उन्होंने जूनियर डॉक्टरों को धमकी दी थी. इन तीनों डॉक्टरों के बारे में कहा जा रहा है कि वे आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबी हैं.

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संदीप घोष के तीन करीबियों पर FIR (Image: PTI) संदीप घोष के तीन करीबियों पर FIR (Image: PTI)

राजेश साहा

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:39 PM IST

कोलकाता पुलिस ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में काम करने वाले तीन वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इनमें डॉक्टर बिरूपाक्ष बिस्वास, डॉक्टर अविक दे और डॉक्टर रंजीत साहा शामिल हैं. आरोप है कि इन तीनों ने जूनियर डॉक्टरों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. मामला बउबाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है.

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बउबाजार पुलिस स्टेशन को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों से 46 शिकायतें मिली हैं. सभी शिकायतों में एक समान मुद्दे की बात कही गई थी, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि तीन डॉक्टरों ने मिलकर जूनियर डॉक्टरों और मुख्य बॉयज हॉस्टल के कुछ लड़कों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.

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जूनियर डॉक्टर की शिकायत पर हुआ एफआईआर

शिकायतकर्ता में एक जूनियर डॉक्टर अंजन मोंडल की शिकायत को आधार बनाकर बउबाजार पुलिस स्टेशन में 7 सितंबर को मामला दर्ज किया. बता दें कि इस मामले में निचली अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बाद बउबाजार पुलिस स्टेशन में मामले की जांच शुरू की गई.

एक डॉक्टर को सेमीनार हॉल के पास देखा गया था

एफआईआर में कहा गया है कि डॉक्टर अविक दे और डॉक्टर बिरुपाक्ष बिस्वास को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में अपराध स्थल पर देखा गया था. कुछ डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें वहां तब देखा गया था जब ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद हुआ था. ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमीनार हॉल से बरामद किया गया था, जहां आरोपी ने हैवानियत के बाद बेरहमी से हत्या कर दी थी.

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बाद में विवादों के बीच, दोनों को पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया. ये तीनों आरोपी पूर्व आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष के करीबी माने जाते हैं. डॉक्टर घोष को भी वित्तीय संबंधी मामलों में जांच का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें उनके पद से भी बर्खास्त कर दिया गया है.

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