'ड्रग की राजधानी के रूप में पंजाब की जगह ले रहा केरल', राज्यपाल आरिफ का विजयन सरकार पर हमला

शनिवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कुलपतियों की नियुक्ति राज्यपाल की जिम्मेदारी है. राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है. राज्यपाल ने वित्त मंत्री पर भी निशाना साधा है.

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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान. (फोटो- ANI) केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान. (फोटो- ANI)

aajtak.in

  • कोच्चि,
  • 23 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

केरल सरकार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एक बार फिर आमने-सामने हैं. इस बार राज्यपाल ने पी विजयन सरकार के मंत्रियों को मर्यादाओं में रहने की नसीहत दी है. इसके साथ ही नाराजगी भी जताई. राज्यपाल ने कहा कि केरल ड्रग्स की राजधानी के रूप में पंजाब की जगह ले रहा है क्योंकि राज्य शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रहा है. शत-प्रतिशत साक्षरता वाले राज्य के लिए ये कितनी शर्मनाक स्थिति है. हमारे यहां विकास के लिए लॉटरी और शराब दो मुख्य स्रोत बन गए हैं. यहां शराब के सेवन को बढ़ावा दिया जा रहा है. 

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खान ने कहा कि केरल सरकार के कानून मंत्री कहते हैं कि वह मेरी कार्रवाई की समीक्षा करने जा रहे हैं. मैं यहां राज्यपाल के रूप में उनके कार्यों की समीक्षा करने के लिए हूं. वे मेरे द्वारा नियुक्त हैं. इसका मतलब है कि वह संविधान के प्रावधानों से परिचित नहीं हैं. क्योंकि मेधावी लोग बाहर चले गए हैं और आपके पास ये अज्ञानी राज्य पर शासन कर रहे हैं.

कुलपतियों की नियुक्ति में राज्य सरकार की भूमिका नहीं

शनिवार को राज्यपाल ने केरल में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कुलपतियों की नियुक्ति राज्यपाल की जिम्मेदारी है. राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है. अगर राज्यपाल कोईे कानून बनाते हैं तो वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए.

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लाइन क्रॉस नहीं करना चाहिए

केरल के राज्यपाल ने वित्त मंत्री पर भी निशाना साधा और मर्यादा में रहने की नसीहत दी. राज्यपाल ने कहा कि वित्त मंत्री, जिनके राजस्व का मुख्य स्रोत शराब और लॉटरी है, वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या यूपी के राज्यपाल केरल की शिक्षा प्रणाली को समझ सकते हैं. हालांकि, मैं इन सब बातों पर ध्यान नहीं देता हूं. लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा कि लाइन को क्रॉस नहीं करना चाहिए.

इस तरह की टिप्पणी ना करें मंत्री

राज्यपाल एएम खान ने आगे कहा- कल उन्होंने (SC) केरल तकनीकी विश्वविद्यालय के VC की नियुक्ति के खिलाफ एक फैसला दिया. यदि आप कहते हैं कि ये जज महाराष्ट्र और असम से हैं और वे केरल में शिक्षा प्रणाली को नहीं समझते हैं तो आप खुद को परेशानी में डाल देंगे.

 

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