नेपाल ने भारत को बताया सबसे खास पार्टनर, जयशंकर बोले-अब बदलाव का मौका

दिल्ली में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और एस जयशंकर की अहम बैठक हुई. इसमें नेपाल ने भारत को अपना सबसे खास पार्टनर बताते हुए पुरानी कड़वाहट भूलकर आगे बढ़ने की बात कही. वहीं, जयशंकर ने साफ किया कि दोनों देशों के रिश्तों को स्टार्टअप और एआई जैसे नए क्षेत्रों में ले जाने का यही सबसे सही मौका है.

Advertisement
दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल. (Photo: PTI) दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:06 AM IST

भारत और पड़ोसी देश नेपाल के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा दांव चला है. दिल्ली पहुंचे नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के साथ शनिवार को हुई बैठक में जयशंकर ने साफ कहा कि दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का यही सही मौका है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के हालिया विवादित बयान के बाद इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है.

Advertisement

दरअसल, पिछले महीने के अंत में नेपाल के प्रधानमंत्री शाह ने दोनों देशों के पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चीन और ब्रिटेन से मदद मांगी थी. भारत ने किसी भी तीसरे देश के दखल को पूरी तरह खारिज करते हुए साफ कह दिया था कि दोनों देश आपस में मिलकर ही इस मुद्दे को सुलझाएंगे. इस कड़वाहट के बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे. बता दें कि नेपाली विदेश मंत्री का यह भारत दौरा 5 जून से 7 जून 2026 तक तय किया गया था.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान नेपाली विदेश मंत्री का रुख काफी सकारात्मक रहा. उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने रिश्तों को सबसे ऊपर रखता है. उनकी सरकार बिना किसी पुराने बैगेज (पुरानी कड़वाहट) के आगे बढ़ने के लिए तैयार है. खनाल ने भरोसा दिया कि नेपाल भारत के साथ मिलकर एक मजबूत व पारदर्शी रिश्ते की नई शुरुआत करना चाहता है.

Advertisement

पारंपरिक दोस्ती से आगे डिजिटल सेक्टर पर फोकस

इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल का रिश्ता साझा विश्वास और आपसी लाभ की मजबूत नींव पर टिका है. व्यापार, निवेश, ऊर्जा व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारा सहयोग लगातार बढ़ा है. जयशंकर ने केवल पारंपरिक मुद्दों तक सीमित रहने के बजाय एक नया विजन साझा किया. उन्होंने नेपाल को स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे आधुनिक सेक्टर्स में मिलकर बड़ा काम करने का न्योता दिया.

इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि दोनों देश अपनी लंबी खुली सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं. संकट के समय भारत हमेशा अपने इस करीबी पड़ोसी के साथ खड़ा रहा है. पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव के बीच भी भारत ने नेपाल के लिए ईंधन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रखी. इस पूरी बैठक से भारत ने संदेश दे दिया है कि वह सहयोग के लिए तैयार है, बशर्ते सीमा जैसे द्विपक्षीय मुद्दों में किसी बाहरी शक्ति को न घसीटा जाए.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »