गोवा नाइटक्लब अग्निकांड केस में पुलिस को झटका, सरपंच और पंचायत सचिव को गिरफ्तारी से राहत

गोवा के नाइटक्लब अग्निकांड मामले में पुलिस को उस समय झटका लगा, जब मापुसा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अर्पोरा पंचायत के सरपंच रोशन रेडार और पंचायत सचिव को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत 23 दिसंबर तक बढ़ा दी.

Advertisement
गोवा क्लब आग मामले में सरपंच-पंचायत सचिव को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (Photo: PTI) गोवा क्लब आग मामले में सरपंच-पंचायत सचिव को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (Photo: PTI)

दिव्येश सिंह

  • गोवा,
  • 16 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब अग्निकांड मामले में गोवा पुलिस को बड़ा झटका लगा है. इस मामले में जांच के घेरे में चल रहे अर्पोरा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव को मापुसा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत 23 दिसंबर तक बढ़ा दी है. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने लूथरा ब्रदर्स की मदद करते हुए बर्च क्लब को प्राथमिकता के आधार पर ट्रेड लाइसेंस जारी किया था.

Advertisement

गोवा पुलिस ने अदालत में दोनों की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया. पुलिस का तर्क था कि इस गंभीर अग्निकांड मामले में उनकी भूमिका की गहन जांच जरुरी है और गिरफ्तारी से मिली राहत जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. इसके बावजूद अदालत ने अंतरिम राहत बढ़ाने का फैसला किया.

यह मामला तब सामने आया जब गोवा के बर्च क्लब में भयानक आग लगने की घटना हुई, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई. इस हादसे ने नाइटक्लब्स की सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए. 

पुलिस को जांच में जानकारी मिली कि क्लब को जरूरी मंजूरियों के बिना ही संचालन की इजाजत दे दी गई थी, जिससे पंचायत अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध हो गई.

यह भी पढ़ें: गोवा क्लब अग्निकांड: थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, BNS की इन धाराओं में होगी कार्रवाई, मिलेगी इतनी सजा

Advertisement

इसी बीच, राज्य प्रशासन ने नाइटक्लब्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अंजुना इलाके के तीन क्लब – क्लारा, सलूद और मायन बीच क्लब को फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा मंजूरियों के अभाव में सील कर दिया है. अधिकारियों ने साफ किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी क्लब को बख्शा नहीं जाएगा.

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि राज्य में लोगों की जान की सुरक्षा सबसे ऊपर है और नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठान जल्द से जल्द बंद किए जाएंगे. यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए कदम है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »