'अग्निपथ' पर बोले पूर्व आर्मी चीफ- सरकार ने समय और बजट देखकर तैयार की है योजना

केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई 'अग्निपथ योजना' का विपक्षी दल और युवा विरोध कर रहे हैं. हालांकि इस योजना को पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कहा कि यह योजना सोशल, इकोनॉमिक और लड़ाई लड़ने में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के हिसाब से अनुरूप बनाई गई है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2022,
  • अपडेटेड 5:45 PM IST
  • भारतीय सेना में चार साल के लिए भर्ती होंगे युवा
  • सरकार ने संसद में दी थी खाली पदों की जानकारी

केंद्र सरकार तीनों सेनाओं में युवाओं की भर्ती के लिए 'अग्रिपथ' योजना लेकर आई है. इस योजना के तहत चार साल के लिए युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा. इस साल 46 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी. इनमें से 25% युवाओं को चार साल बाद सेना में बरकरार रखा जाएगा, जबकि बाकी के 75% अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. 

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केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई इस योजना का विपक्षी दल और युवा विरोध कर रहे हैं. हालांकि इस योजना को पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कहा कि 'अग्निपथ योजना' सोशल, इकोनॉमिक और लड़ाई लड़ने में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के हिसाब से अनुरूप बनाई गई है. ना कि बजट को देखकर तैयार की गई है. इस योजना को तैयार करने में भारतीय सेना के अधिकारी दो साल से ज्यादा समय से काम कर रहे हैं.  

हालांकि कई जगहों पर इस योजना के विरोध प्रदर्शन पर पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि इस योजना के बारे में युवाओं को समझाना होगा. इस स्कीम के बारे में एडवरटाइज करना होगा. हालांकि हमें उनकी बातें भी सुननी चाहिए क्योंकि कहीं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. रिटायर्ड अधिकारियों ने भी विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीते 2 साल से कोई भर्ती नहीं हुई है. युवाओं ने कई टेस्ट भी दिए हैं. उन्हें कोई कॉल नहीं आई है. ये नुचेरल है जो भर्ती होना चाहते थे, अगर उन्हें मौका नहीं मिला, तो अफसोस होगा.  

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भारत सरकार ने 10 दिसंबर 2021 को संसद में बताया था कि सेना में सवा लाख पद खाली हैं. युवा इस पर भी सवाल कर रहे हैं. इस पर रिटायर्ड जनरल ने बताया कि इस योजना के तहत 45 या 48 हजार को भर्ती करा जाएगा. आर्मी के अंदर करीब 50 हजार रिटायर होते हैं. जो रिटायर हो रहे हैं उनकी जगह पर लोग भर्ती होंगे. ये सरकार को फैसला करना होगा कि कैसे भर्ती करें, जिन्होंने एग्जाम दिया था उनको लेना है. 

इस योजना की बड़ी बातें बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार कई सालों से जीडीपी का 2.5 फीसदी खर्च कर रही है. हमने कई सालों से भर्ती के नियम नहीं बदले थे, इससे बहुत बहुत टेक्नोलॉजिकल चैलेंज आ रहे थे, जिनमें कमी आएगी. साथ ही जूनियर लीडरशिप को मजबूत करने के लिए ये स्कीम ठीक रहेगी. 

केंद्र सरकार के मुताबिक, चार साल बाद अग्निवीरों को परफॉर्मेंस के आधार पर चयन किया जाएगा. इन युवाओं को फिर सेना में 15 साल और सेवा करने का मौका मिलेगा. इसके बाद इन पर सेना के नियम और शर्तें लागू होंगी. हालांकि, इस बारे में अभी डिटेल्ड गाइडलाइंस आनी बाकी है. 
 

 

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