अप्रैल में हवाई यात्रा की मांग पड़ी सुस्त, घरेलू यात्रियों की संख्या में गिरावट

घरेलू विमानन क्षेत्र के लिए अप्रैल का महीना चुनौतीपूर्ण रहा. यात्रा की मांग में नरमी और बढ़ती परिचालन लागत के बीच घरेलू हवाई यातायात मार्च के मुकाबले 4.2 प्रतिशत गिरकर 1.38 करोड़ पर पहुंच गया. इसी दौरान IndiGo की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी, जबकि Air India Group और SpiceJet की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई.

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महंगे ईंधन और कमजोर मांग का असर, घरेलू हवाई यातायात में 4.2% की गिरावट. (File Photo: ITG) महंगे ईंधन और कमजोर मांग का असर, घरेलू हवाई यातायात में 4.2% की गिरावट. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

अप्रैल महीने के दौरान घरेलू विमानन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. यात्रा की मांग में नरमी और परिचालन चुनौतियों के बीच घरेलू हवाई यातायात मार्च की तुलना में 4.2 प्रतिशत घटकर 1.38 करोड़ रह गया. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस बाबत ताजा आंकड़े जारी किए हैं.

इन आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में 1.38 करोड़ से अधिक लोगों ने घरेलू हवाई यात्रा की है. ये संख्या पिछले साल अप्रैल में यात्रा करने वाले 1.43 करोड़ से अधिक यात्रियों की तुलना में 3.47 प्रतिशत कम है. मार्च 2026 में घरेलू एयर ट्रैफिक 1.44 करोड़ यात्रियों के स्तर पर था. अप्रैल में 4.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

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DGCA ने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान घरेलू एयरलाइनों द्वारा यात्रा कराए गए यात्रियों की संख्या 575.49 लाख रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 575.13 लाख थी. सालाना आधार पर 0.06 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में गिरावट देखने को मिली.

रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइंस फिलहाल कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं. इनमें एविएशन फ्यूल की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ती परिचालन लागत और यात्रा की मांग में अपेक्षाकृत सुस्ती और नेटवर्क संचालन पर दबाव शामिल हैं. इनके चलते कई एयरलाइनों ने अस्थायी रूप से अपने नेटवर्क में कटौती भी की है.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में IndiGo ने अपनी बाजार हिस्सेदारी और मजबूत की है. मार्च में कंपनी की मार्केट शेयर 63.3 प्रतिशत थी, जो अप्रैल में बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई. वहीं Air India Group की हिस्सेदारी मार्च के 26.2 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 24.7 प्रतिशत रह गई.

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Akasa Air की हिस्सेदारी 5.4 प्रतिशत से बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गई, जबकि SpiceJet की हिस्सेदारी 3.8 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत रह गई. सरकारी स्वामित्व वाली Alliance Air की हिस्सेदारी भी मार्च के 0.6 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 0.3 प्रतिशत पर आ गई. अप्रैल में यात्रियों से संबंधित कुल 3,266 शिकायतें प्राप्त हुईं.

DGCA के अनुसार, इस अवधि में प्रति 10,000 यात्रियों पर शिकायतों की संख्या 2.36 रही. यह आंकड़ा ग्राहक के अनुभव और यात्रियों की सर्विस क्वालिटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अप्रैल में ऑन टाइम परफॉर्मेंस (OTP) के मामले में IndiGo सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली एयरलाइन रही है.

कंपनी का OTP 88.5 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसके बाद Air India Group 82.4 प्रतिशत, Akasa Air 81.4 प्रतिशत, Alliance Air 71.2 प्रतिशत और SpiceJet 31.2 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर रहे. OTP की गणना देश के दस प्रमुख हवाई अड्डों के आधार पर की जाती है.

इसमें बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी और लखनऊ शामिल हैं. अप्रैल में लगभग 1.12 प्रतिशत उड़ानें दो घंटे से अधिक देर से संचालित हुईं. उड़ानों में देरी के कारण 1.35 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए. यात्री सुविधाओं के लिए एयरलाइनों ने 2.41 करोड़ खर्च किए.

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