नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने खतरनाक सामान (Dangerous Goods) की हैंडलिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर इंडिगो एयरलाइन को वॉर्निंग लेटर जारी किया है. यह जानकारी इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने शुक्रवार को नियामकीय फाइलिंग में दी.
कंपनी के अनुसार, यह लेटर जनवरी 2026 की एक घटना से जुड़ा है. उस दौरान एक फ्लाइट के डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद जमीन पर कार्गो से रिसाव (स्पिलेज) पाया गया था. इसके बाद DGCA ने मामले की जांच और ऑडिट किया, जिसमें एयरलाइन की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने में कुछ खामियां सामने आईं. जांच में Aircraft (Carriage of Dangerous Goods) Rules, 2026 के कुछ प्रावधानों से संबंधित नियमों के उल्लंघन का भी जिक्र किया गया है. हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि कार्गो में किस प्रकार का खतरनाक सामान था और रिसाव किस वजह से हुआ.
भारत में विमान के जरिए खतरनाक सामान की ढुलाई और उसकी हैंडलिंग के लिए सख्त नियम लागू हैं. इनका उद्देश्य यात्रियों, चालक दल और विमान की सुरक्षा तय करना है. ऐसे सामान की पैकिंग, लोडिंग, परिवहन और निगरानी तय मानकों के अनुसार की जाती है. इंटरग्लोब एविएशन ने अपनी फाइलिंग में कहा कि DGCA के निर्देश पर कंपनी को इस मामले में उठाए गए सुधारात्मक कदमों (Corrective Actions) की जानकारी देते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) जमा करनी होगी.
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वॉर्निंग लेटर का उसके वित्तीय प्रदर्शन, परिचालन या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा. साथ ही कंपनी ने यह स्वीकार किया कि स्टॉक एक्सचेंज को इस सूचना का खुलासा करने में देरी हुई. इंडिगो के मुताबिक यह देरी जानबूझकर नहीं की गई थी, बल्कि वॉर्निंग लेटर प्राप्त होने की जानकारी आंतरिक स्तर पर देर से मिलने के कारण ऐसा हुआ.
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