कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी का निधन

कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी का आज सुबह निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. पिछले कुछ महीनों से उनका बेंगलुरु में इलाज चल रहा था. इस बात की जानकारी उनके बेटे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने 2004-2006, 2011-2016 की अवधि के दौरान केरल के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला.

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ओमन चांडी- फाइल फोटो ओमन चांडी- फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी का आज सुबह निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. पिछले कुछ महीनों से उनका बेंगलुरु में इलाज चल रहा था. इस बात की जानकारी उनके बेटे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने 2004-2006, 2011-2016 की अवधि के दौरान केरल के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला.

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केरल कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर जताया दुख
केरल कांग्रेस अध्यक्ष के. सुधाकरन ने ट्वीट कर ओमन चांडी के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमन चांडी का निधन हो गया है. उन्होंने लिखा कि प्रेम की शक्ति से दुनिया पर विजय पाने वाले राजा की कहानी का मार्मिक अंत हुआ. आज, मैं एक महान व्यक्ति के निधन से बहुत दुखी हूं. उन्होंने अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित किया और उनकी विरासत हमेशा हमारी आत्माओं में गूंजती रहेगी.
 

— K Sudhakaran (@SudhakaranINC)



लंबे समय से बीमार चल रहे थे चांडी
मालूम हो कि ओमन चांडी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनकी तबीयत साल 2019 से बिगड़ी हुई थी. चांडी को गले से संबंधित बीमारी बढ़ने के बाद जर्मनी ले जाया गया था. उन्होंने साल 1970 से राज्य विधानसभा में पुथुपल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है. उनके बेटे चांडी ओम्मन ने मंगलवार सुबह करीब 5 बजे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने पिता के निधन की जानकारी दी.

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लगातार 12 बार विधानसभा चुनाव जीते
वह कोट्टायम जिले में अपने गृह नगर पुथुपल्ली से चुनाव लड़ते थे. उन्होंने लगातार 12 बार विधानसभा चुनाव जीता. वह एक जन नेता थे और लोगों के साथ उनके करीबी संपर्कों के लिए उनकी सराहना की जाती थी. मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान आयोजित जन संपर्क कार्यक्रम से सैकड़ों लोगों की लंबे समय से लंबित शिकायतों का तत्काल समाधान हुआ.


के करुणाकरण और ए के एंटनी सरकारों में भी मंत्री रहे
उन्होंने के करुणाकरण और ए के एंटनी सरकारों में भी मंत्री के रूप में कार्य किया और वित्त, गृह और श्रम विभाग संभाला. चांडी को 2018 में एआईसीसी महासचिव बनाया गया था. उन्होंने 2006 से 2011 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया. चांडी अपने पीछे पत्नी मरियम्मा ओम्मन, बेटे चांडी ओम्मन और बेटियों मारिया और अचू को छोड़ गए हैं.

केरल के कोट्टायम जिले के कुमारकोम में हुआ था जन्म
ओमन चांडी का जन्म केरल के कोट्टायम जिले के कुमारकोम में हुआ था. उन्होंने पुथुपपल्ली में सेंट जॉर्ज हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद चांडी ने कोट्टायम में सीएमएस कॉलेज और चंगानासारी में सेंट बर्कमैन कॉलेज में एडमिशन लिया. उन्होंने सरकारी लॉ कॉलेज, एर्नाकुलम से एलएलबी की डिग्री भी ली. चांडी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत केरल छात्र संघ (केएसयू) के माध्यम से की, जिसमें उन्होंने 1967 से 1969 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 1970 में उन्हें राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुना गया.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 6 जून 2018 को ओमन चांडी को महत्वपूर्ण राज्य आंध्र प्रदेश के प्रभारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया था.

चांडी चार बार केरल सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह 11 अप्रैल 1977 से 25 अप्रैल 1977 तक पहले के. करुणाकरण मंत्रालय में श्रम मंत्री थे और 27 अक्टूबर 1978 तक पहले एके एंटनी मंत्रालय में उसी विभाग को संभालते रहे.

कांग्रेस संसदीय दल के नेता 
2011 के विधानसभा चुनाव में करीबी मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस विधायक दल ने सर्वसम्मति से ओमन चांडी को अपना नेता चुना. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में चांडी के नाम का प्रस्ताव रमेश चेन्निथला ने किया और आर्यदान मोहम्मद ने इसका समर्थन किया.

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