जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर कई 'क्विक हैक्स' और सजेशन तेजी से वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इन हैक्स के जरिये इंटरनेट बैन और आंसू गैस जैसी पुलिस कार्रवाइयों से बचने में मदद मिलेगी. ये हैक्स सिर्फ इतने तक ही सीमित नहीं हैं. इसमें टेक्नॉलजी का सहारा भी लिया जा रहा है. जिसमें ऐप, मैप, डिवाइस भी शामिल हैं. वहीं कुछ दवाइयां रखने की सलाह भी दी जा रही है, जो आंसू गैस छोड़े जाने की स्थिति में जलन-चुभन कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं.
इंटरनेट पर बैन हो काम आएंगे ये ऐप
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने इंटरनेट बैन के लिए 'हैक' शेयर किया है. उसने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने वालों को पहले से ऑफलाइन मैप डाउनलोड कर लेना चाहिए. बताया कि ऐसे ब्लूटूथ-बेस्ड मैसेजिंग ऐप्स फोन में रखें, जो बिना मोबाइल डेटा या वाई-फाई के भी काम करते हों. साथ ही, उसने ऐसे लोकल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) इंस्टॉल करने की भी सलाह दी, जो इंटरनेट के बिना सीधे डिवाइस पर चल सकें.
इसके अलावा, उसने LoRa बेस्ड कम्युनिकेशन डिवाइस रखने और प्रदर्शन स्थल के आसपास रहने वाले कम से कम पांच लोगों के कॉन्टैक्ट नंबर अपने पास सुरक्षित रखने की सलाह दी. सोशल मीडिया पर आंसू गैस से बचाव के उपाय भी शेयर किए जा रहे हैं.
टियर गैस से बचाएंगे ये जुगाड़
एक महिला यूजर ने सुझाव दिया कि बराबर मात्रा में पानी और मालॉक्स (Maalox) या डाइजीन (Digene) जैसे एंटासिड का घोल साथ रखें. उसके अनुसार, आंसू गैस के संपर्क में आने पर इससे आंखों की जलन और चुभन कम करने में मदद मिल सकती है. उसने दावा किया कि उसके एक मित्र ने प्रदर्शन के दौरान इस उपाय से राहत महसूस की थी. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि वह धुएं और जलन पैदा करने वाले कणों से बचने के लिए पेंटर मास्क या साधारण डस्ट मास्क और सुरक्षात्मक गॉगल्स पहनकर आता है.
लाठीचार्ज से बचने के लिए थर्मोकोल का इस्तेमाल
लाठीचार्ज से बचाव के लिए भी कुछ प्रदर्शनकारी अपने-अपने तरीके अपना रहे हैं. एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसने अपनी जींस के अंदर पीछे और कमर वाले हिस्से में थर्मोकोल की शीट रखी थी, ताकि चोट का असर कम हो सके. उसने कहा कि वह अपने साथ एक अतिरिक्त शर्ट और किसी महिला प्रदर्शनकारी के कपड़े फटने की स्थिति में एक कुर्ता भी रखता है. इसके अलावा, वह दो हेलमेट लेकर चलता है, एक अपने लिए और दूसरा जरूरतमंद को देने के लिए.
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे ये सुझाव दिखाते हैं कि प्रदर्शनकारी अब मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए क्राउडसोर्स्ड सलाह का सहारा ले रहे हैं. गौरतलब है कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ कई जगह झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए.
एक महिला प्रदर्शनकारी की हालत गंभीर होने पर उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर जुटे छात्र NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
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