डिजिटल आंसर-शीट इवैल्यूएशन पर सवाल, शिक्षा मंत्रालय ने शुरू की CBSE के OSM कॉन्ट्रैक्ट की जांच

सीबीएसई के डिजिटल आंसर-शीट इवैल्यूएशन सिस्टम मामले को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है. मंत्रालय ने कोएम्प्ट एडुटेक कंपनी को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट के रिकॉर्ड जांच रहा है. टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद मंत्रालय ने सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटा लिए हैं और तकनीकी पात्रता, मंजूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है.

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शिक्षा मंत्रालय कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया की जांच कर रहा है. (Photo- ITGD) शिक्षा मंत्रालय कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया की जांच कर रहा है. (Photo- ITGD)

पीयूष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:17 AM IST

CBSE के डिजिटल आंसर-शीट इवैल्यूएशन सिस्टम को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने इस सिस्टम के लिए 'कोएम्प्ट एडुटेक' (COEMPT Edutech) कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय ने टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी जरूरी विवरण और दस्तावेज जुटा लिए हैं. मंत्रालय ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम के लिए दिए गए इस कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच भी शुरू कर दी है.

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टेंडर प्रोसेस में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद मंत्रालय ने ये कदम उठाया है. इस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन और जांच की मांग की जा रही थी.

मंत्रालय ने मांगे सारे रिकॉर्ड

'कोएम्प्ट एडुटेक' कंपनी के सिलेक्शन को लेकर बढ़ते विवाद, टेक्निकल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और कॉन्ट्रैक्ट देने में हुई प्रक्रियात्मक कमियों के बाद शिक्षा मंत्रालय इस मामले की जांच में जुटा है. मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को इस खरीद प्रक्रिया के दौरान दी गई सभी मंजूरियों के पूरे रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं. इसमें टेंडर की पात्रता शर्तें, बिड इवैल्यूएशन, टेक्निकल अप्रूवल्स और बाकी सभी तरह के क्लीयरेंस शामिल हैं.

इस पूरे मामले में सबसे बड़े सवाल टेंडर की शर्तों में किए गए बदलावों को लेकर उठाए जा रहे हैं. आरोप है कि नियमों में ऐसे बदलाव किए गए जिससे ये कंपनी इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए क्वालिफाई कर सके. इसके अलावा, लाखों छात्रों से जुड़े इस देशव्यापी मूल्यांकन को संभालने के लिए कंपनी की तकनीकी तैयारियों और क्षमता पर भी गंभीर चिंताएं जताई गई हैं.

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गड़बड़ियों की जांच में जुटा शिक्षा मंत्रालय

शिक्षा मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि इस कॉन्ट्रैक्ट को देते समय सरकारी खरीद के नियमों और वित्तीय गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया गया था या नहीं. इसके साथ ही अधिकारी चयन प्रक्रिया के दौरान सभी जरूरी पहलुओं की समीक्षा भी कर रहे हैं. अगर जांच में कोई भी लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो जवाबदेही तय की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है.

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सीबीएसई ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, सीबीएसई बोर्ड ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बोर्ड का दावा है कि इस कॉन्ट्रैक्ट को देने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और इसमें सरकारी खरीद के सभी नियमों का पालन किया गया था. सीबीएसई ने उन दावों को भी पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि इवैल्यूएशन पोर्टल की सुरक्षा के साथ कोई समझौता हुआ है.

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