क्या स्पुतनिक और कोविशील्ड वैक्सीन को मिक्स कर लगवा सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें राय

क्या अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स कर यूज करने से एडवांटेज मिलेगा, इस सवाल के जवाब में मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं कि अभी कई स्टडी चल रही हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 15 मई 2021,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST
  • मेदांता के डॉ. त्रेहन ने दिए कोरोना से जुड़े जवाब
  • 'आम डॉक्टर ब्लैक फंगस का अनुमान नहीं लगा पाते'
  • 'वैक्सीन मिक्सिंग को लेकर दुनिया में चल रही कई स्टडी'

देश में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में वैक्सीनेशन अभियान जोरों पर जारी है. हालांकि वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल भी उठ रहे हैं. जैसे क्या किसी वैक्सीन को दूसरी वैक्सीन के साथ मिक्स किया जा सकता है? क्या रूसी वैक्सीन स्पुतनिक को सीरम की वैक्सीन कोविशील्ड के साथ लिया जा सकता है? इस तरह कोरोना से जुड़े तमाम सवालों के जवाब मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन ने आजतक के खास कार्यक्रम में दिए.

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स्पुतनिक को कोविशील्ड के साथ लिया जा सकता है?

इस सवाल के जवाब में डॉ. नरेश त्रेहन ने आजतक से कहा कि इसको लेकर कई स्टडी चल रही हैं. जिसके जरिए पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स कर यूज करने से एडवांटेज मिलेगा? हालांकि, अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि कोरोना की अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स करके लगाने से ज्यादा एंटीबॉडी या इम्यूनिटी बनती है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस जैसे देशों ने वैक्सीन की मिक्सिंग की है, लेकिन अभी उसके रिजल्ट सामने नहीं आए हैं. भारत में अभी इस तरह की स्टडी शुरू नहीं हुई है. इसलिए हमें किसी भी वैक्सीन को मिक्स कर नहीं लगवाना है. यानी कि स्पुतनिक व कोविशील्ड को साथ नहीं लिया जा सकता है.

आम डॉक्टर ब्लैक फंगस का अनुमान नहीं लगा पाते: त्रेहन

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डॉ. नरेश त्रेहन ने ब्लैक फंगस को लेकर कहा कि आम डॉक्टर ब्लैक फंगस का अनुमान नहीं लगा पाते हैं. ब्लैक फंगस केवल विशेषज्ञ ही पहचान पाते हैं. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस का वायरस बाहर से नहीं आता, ये बॉडी के अंदर ही बनता है. मुंह में काले धब्बे, आंख में दिक्कत, सूजन या लाल होना, दांत में सूजन आदि भी इसके लक्षण हैं.

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उन्होंने कहा कि ये केस कोरोना पीड़ित लोगों में ज्यादा पाया गया. साथ ही मधुमेह वाले रोगियों के लिए ये बेहद घातक है.

कोरोना से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्यान 

डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि घर को सैनिटाइज करते रहें. होम आइसोलेशन की तरह के नियम बनाएं. संक्रमित को अलग रखा जाएगा. केयर टेकर मास्क, ग्लव्स आदि सभी सुरक्षा रखे. बच्चों को दूर रखें. दिमाग को पॉजिटिव रखें. बाहर भीड़-भाड़ में निकलने से बचें. खांसी, बुखार आदि के लक्षण दिखने पर आइसोलेशन में चले जाएं. 

ठीक हुए लोग भी संक्रमित कर सकते हैं?

मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया कि कोरोना से एक बार संक्रमित हुए लोग ठीक होने के बाद भी और लोगों को संक्रमित कर सकते हैं. हालांकि, वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमण बहुत ही हल्का होगा.

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