ड्रोन, डॉग स्क्वॉड और 670 कंपनियां... कड़ी सुरक्षा में होगी अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं जिसमें 670 कंपनियों की तैनाती शामिल है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात होंगे ताकि यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

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अमरनाथ यात्रा की शुरुआत तीन जुलाई से हो रही है अमरनाथ यात्रा की शुरुआत तीन जुलाई से हो रही है

सुनील जी भट्ट

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:05 AM IST

अमरनाथ यात्रा शुरू होने में अब केवल महीने भर का समय बचा है. यात्रा सुरक्षित रहे और बिना किसी संकट-कठिनाई के पूरी हो सके इसके लिए केंद्र सरकार ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. गृह मंत्रालय ने यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 670 कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है. केंद्रीय बलों की टुकड़ियां जम्मू-कश्मीर पहुंचना भी शुरू हो गई हैं.

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सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बलों की तैनाती जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर कश्मीर घाटी स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक की जाएगी. पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक संख्या में केंद्रीय बलों को लगाया जा रहा है ताकि 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके.

यात्रा मार्गों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक कड़ी निगरानी

केंद्रीय बलों को पठानकोट-जम्मू हाईवे, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जम्मू और अन्य स्थानों पर स्थित यात्री निवास भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. इसके अलावा दक्षिण कश्मीर के पहलगाम और मध्य कश्मीर के बालटाल स्थित दोनों यात्रा मार्गों पर भी केंद्रीय बल तैनात रहेंगे.

सेना के जवान यात्रा मार्गों के ऊपरी इलाकों और अमरनाथ गुफा के आसपास सुरक्षा संभालेंगे. वहीं जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगी.

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पिछले वर्ष पहलगाम में हिंदू पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को देखते हुए सरकार इस बार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती. इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है.

सुरक्षा में तकनीक की भी होगी बड़ी भूमिका

सुरक्षा एजेंसियां इस बार निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल करेंगी. सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान हाई-डेफिनिशन (HD) सीसीटीवी कैमरों सहित उन्नत निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा. नई सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) में भी बदलाव किए जा रहे हैं.

घोड़ा संचालकों (पोनीवालों), पिट्ठुओं और अन्य सेवा प्रदाताओं को विशेष पहचान पत्र जारी किए गए हैं. इनके व्यापक सत्यापन और पृष्ठभूमि जांच की प्रक्रिया भी चल रही है. जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में लगातार सुरक्षा समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं.

जम्मू के मुख्य बेस कैंप में तैयारियों की समीक्षा

सोमवार को पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास भवन का दौरा कर यात्रा तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार, जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन टूटी, डीआईजी श्रीधर पाटिल, जम्मू के उपायुक्त राकेश मिन्हास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में यात्री निवास भवन की सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. सुरक्षा तैनाती की योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

रमेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमने यात्रियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है. चाहे RFID केंद्र हों, पंजीकरण काउंटर, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता व्यवस्था या परिवहन सुविधाएं, सभी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं."

लखनपुर और कठुआ में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन टूटी ने रविवार को कठुआ जिले का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया. उनके साथ डीआईजी श्रीधर पाटिल, कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा, एसएसपी मोहिता शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

आईजीपी ने सबसे पहले लखनपुर पहुंचकर बेस कैंप, लंगर स्थल, ठहराव केंद्र और स्वागत केंद्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा तैनाती, सीसीटीवी कवरेज, प्रवेश नियंत्रण, तलाशी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की.

इसके बाद जिला पुलिस लाइन कठुआ में व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में आईजीपी ने अधिकारियों को अधिकतम सतर्कता बरतने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने और यात्रियों के साथ पेशेवर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए.

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ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से होगी निगरानी

सुरक्षा समीक्षा बैठकों के दौरान अधिकारियों को वास्तविक समय की निगरानी के लिए ड्रोन सर्विलांस बढ़ाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, लंगरों तथा ठहराव केंद्रों पर एंटी-सैबोटाज जांच के लिए डॉग स्क्वॉड तैनात करने के निर्देश दिए गए.

राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमावर्ती क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी, नाका जांच और क्षेत्रीय गश्त को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों को किरायेदार सत्यापन और जनगणना अभियान तेज करने के साथ-साथ सभी प्रमुख यात्रा स्थलों पर 24 घंटे निगरानी वाली सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी. यात्रियों का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास भवन से रवाना किया जाएगा. यह जत्था उसी दिन कश्मीर घाटी पहुंच जाएगा. 3 जुलाई से यात्रा औपचारिक रूप से दोनों मार्गों से शुरू होगी. इनमें दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से होकर जाने वाला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग तथा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग शामिल है. सूत्रों के अनुसार, अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं. आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है.

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