'पहली बार जा रहे हैं तो ये कौन सी उपलब्धि है', मोदी के कृष्णजन्मभूमि विजिट से जुड़े सवाल पर भड़के अखिलेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मथुरा पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की.बतौर प्रधानमंत्री मथुरा पहुंचने वाले वह देश के पहले पीएम हैं. मोदी के मथुरा कृष्ण जन्मभूमि दौरे पर अखिलेश यादव ने कहा पहली बार आना कैसी उपलब्धि है? यह उनकी नाकामी है.

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और पूजा- अर्चना की.  बतौर प्रधानमंत्री या किसी पीएम की पहली ऐसी मथुरा यात्रा है जिसमें प्रधानमंत्री ने  कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए. पीएम मोदी इससे पहले 1991 में भाजपा के संगठन मंत्री की हैसियत से कृष्ण जन्म भूमि आए थे. पीएम के इस दौरे को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई है.

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ये तो नाकामी है- अखिलेश

अखिलेश यादव से जब पीएम के दौरे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'क्यों ऐसा प्रचार करते हो कि पहली बार जा रहे हैं. यहां इतने सारे लोग हैं, इनमें बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जो जन्म से जा रहे होंगे. कुछ ऐसे भक्त होंगे जो हर महीने गोवर्धन की परिक्रमा लगाते हैं. तो बात तो उनकी करनी चाहिए जो जन्म से जा रहे हैं. जो पहली बार आ रहे हैं तो ये कौन सी उपलब्धि है. ये तो नाकामी है उनकी.'

पीएम ने की थी पूजा-अर्चना

इससे पहले  कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दिव्य पूजन का सौभाग्य मिला. ब्रज के कण-कण में बसे गिरधर गोपाल के मनोहारी दर्शन ने भाव-विभोर कर दिया! मैंने उनसे देशभर के अपने सभी परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.'

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पीएम मोदी ने मथुरा में संत मीराबाई की 525वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम ‘संत मीराबाई जन्मोत्सव’ में भी भाग लिया.  लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ब्रज भूमि और ब्रज के लोगों के बीच आने पर प्रसन्नता और आभार व्यक्त किया. उन्होंने इस भूमि के दैवीय महत्व का जिक्र करते हुए भगवान श्री कृष्ण, राधा रानी, मीरा बाई और ब्रज के सभी संतों को नमन किया.

जताया इस बात पर अफसोस

प्रधानमंत्री ने इस बात पर अफसोस जताया कि मथुरा को वह ध्यान नहीं मिला, जिसका वह हकदार था, क्योंकि भारत के गौरवशाली अतीत की भावना को न जानने-समझने वाले लोग गुलामी की मानसिकता से छुटकारा नहीं पा सके और ब्रज भूमि को विकास से वंचित रखा. प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल के इस समय में, देश पहली बार गुलामी की मानसिकता से बाहर आया है. उन्होंने कहा कि लाल किले की प्राचीर से पंच प्रणों का संकल्प लिया गया है। प्रधानमंत्री ने भव्य काशी विश्वनाथ धाम, केदार नाथ धाम, श्री राम मंदिर की आगामी तिथि का जिक्र करते हुए कहा, 'विकास के इस दौर में मथुरा और ब्रज पीछे नहीं रहेंगे.'

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