केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय ने इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं. इन आतंकियों पर भारत में घुसपैठ, आतंकियों की भर्ती, हथियारों की सप्लाई, फंडिंग और आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप हैं. घोषित आतंकियों में छह भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो अब पाकिस्तान या PoJK में रहकर आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं.
गृह मंत्रालय की सूची में सबसे प्रमुख नाम मोहम्मद मुसद्दिक का है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का आतंकी है. मंत्रालय के मुताबिक उसने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर, नागपुर स्थित RSS मुख्यालय और पानीपत की IOCL रिफाइनरी की रेकी की थी. वह लासियाकोट सेक्टर में लॉन्चिंग कमांडर के तौर पर काम करता है और सुरंगों व ड्रोन के जरिए भारत में आतंकियों, हथियारों और गोला-बारूद की घुसपैठ कराने में शामिल रहा है.
सूची में हाफिज सईद के दामाद हाफिज खालिद वलीद का नाम भी शामिल है. वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा से जुड़ा है तथा लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य बताया गया है. गृह मंत्रालय के अनुसार वह वर्ष 2016 के पंपोर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रहा है. अमेरिका भी उसे पहले वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है.
गृह मंत्रालय ने जैश-ए-मोहम्मद के कई बड़े आतंकियों को भी आतंकवादी घोषित किया है. इनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वासिम नूर जट शामिल हैं. इन पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, आतंकी प्रशिक्षण, युवाओं की भर्ती, सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने और बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप हैं.
घोषित आतंकियों में छह भारतीय नागरिक भी हैं. इनमें फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर और ओवैस फारूक शामिल हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार ये सभी पाकिस्तान या PoJK में रहकर आतंकियों की भर्ती, हथियारों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने और जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
इसके अलावा अब्दुल रऊफ, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, कारी याकूब शेख, राना इफ्तिखार, गुलाम फरीद और मोहम्मद शाहिद फैसल को भी आतंकवादी घोषित किया गया है. गृह मंत्रालय के अनुसार ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, जमात-उद-दावा और अन्य आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग, लॉजिस्टिक्स, भर्ती और ऑपरेशनल प्लानिंग का काम करते रहे हैं.
गृह मंत्रालय का कहना है कि इन 23 आतंकियों को आतंकवादी घोषित करने का उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क, उनके वित्तीय तंत्र और भारत विरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करना तथा आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम पर प्रभावी प्रहार करना है.
अरविंद ओझा