हिंगोली में अनोखा रक्षाबंधन, महिलाओं ने भाइयों की जगह पेड़ को बांधी राखी

महाराष्ट्र के हिंगोली में महिलाओं और गांव की युवतियों ने अनोखे ढंग से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. महिलाओं ने यहा भाइयों को राखी बांधने की जगह पेड़ को राखी बांधी और उसकी सुरक्षा और हरा भरा रखने का प्रण लिया. साल 2017 में शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक वहां 30 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं.

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पेड़ों के साथ महिलाओं ने मनाया रक्षाबंधन पेड़ों के साथ महिलाओं ने मनाया रक्षाबंधन

aajtak.in

  • हिंगोली,
  • 19 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में कुछ महिलाओं ने बेहद अनोखे तरीके से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. इन महिलाओं ने भाई को राखी बांधने की जगह पेड़ को राखी बांधी और लोगों को पर्यावरण की रक्षा करने का संदेश दिया. टोकईगढ़ में महिलाओं नें पेड़ को राखी बांधी.

पेड़ को राखी बांधने के साथ ही इन महिलाओं ने यह वचन भी दिया कि वह हमेशा पेड़ कि रक्षा करेंगी और लोगों से भी ऐसा करने की अपील की है. बता दें कि हिंदू धर्म में पेड़ पौधों को भगवान माना ज्याता है क्योंकि मानव जाति को जिंदा रखने में इन पेड़ पौधों की बेहद अहम भूमिका है.

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यही वजह है कि हर साल टोकईगढ़ के कुरुंदा गांव और आसपास की महिलाएं पेड़ को राखी बांधती है.  यहां पर रक्षाबंधन के दिन महिलाओं समेत पुरुष भी आते हैं और एक पेड़ लगाकर उसे राखी बांधते हैं. उस पेड़ कि सुरक्षा और उसे हरा-भरा रखने का संकल्प लेते हैं.  पिछले 5 सालों से यह अभियान लगातार जारी है और इसके जरिए अब तक 30 हजार पेड़ लगाए जा चुके हैं.

इस अभियान को साल 2017 में कुरुंदा के कुछ युवक और युवतियों ने शुरू किया था जिसके बाद वहां के लोग भी इस पहल को परंपरा के तौर पर निभा रहे हैं. रक्षाबंधन के दिन सभी लोग और यहां के स्कूली बच्चे पेड़ को राखी बांधकर उत्सव मनाते है. 

इस अनोखे रक्षाबंधन को लेकर वहां के स्थानीय नागरिक किशोर फेदराम ने कहा, हम हर साल यहां पर पेड़ को राखी बांधकर यह त्योहार मनाते हैं. हर साल एक पौधा लगाते हैं और उसे राखी बांधकर उस पेड़ कि रक्षा करने का संकल्प लेते हैं. वहीं एक महिला ने कहा आज हमने पेड़ को राखी बांधकर रक्षा बंधन मनाया हैऔर लोगों से भी अपील की है कि वह भी इस प्रकार से त्योहार मनाएं.

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इनपुट - ज्ञानेश्वर उंडाल

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