'मेरी जेब में 1000 रुपये, अंतिम संस्कार कर देना...' बेरोजगारी से तंग आकर शख्स ने दे दी जान

यह मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर का है. यहां सुधीर नाम का एक शख्स पेपर मिल में काम करता था. नौ महीने से उसके पास काम नहीं था. बीमार मां और परिवार का पालन-पोषण कर पाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था. एक दिन हार मानकर उसने सुसाइड कर लिया और नोट में मौत के जिम्मेदारों का नाम लिखा.

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मृतक सुधीर (File Photo). मृतक सुधीर (File Photo).

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 13 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

महाराष्ट्र के चंद्रपुर के बल्लारपुर में स्थित बिल्ट पेपर मिल प्रबंधन और ठेकेदार से प्रताड़ित होकर एक अस्थाई कामगार सुधीर लोखंडे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. कंपनी ने नौ महीने पहले से ही सुधीर लोखंडे को काम देना बंद कर दिया था, जिसके कारण सुधीर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहा था.

जानकारी के अनुसार, बल्लारपुर के विद्यानगर वार्ड में रहने वाला सुधीर बल्लारपुर पेपर मिल में अस्थाई कामगार था. करीब नौ महीने पहले उसे कंपनी ने काम से निकाल दिया था. इसके कारण वह काफी परेशान था. सुधीर की मां की तबीयत खराब थी. ऐसे में मानसिक और आर्थिक परेशानी से जूझ रहे सुधीर ने हार मानकर सुसाइड कर लिया. उसके परिवार में मां, पत्नी और दो बच्चे हैं.

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सुधीर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार ने जब सुधीर को फांसी के फंदे पर देखा तो उन लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई. तत्काल जानकारी पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने सुधीर के शव को फंदे से उतारा और तलाशी ली. पुलिस को पैंट की जेब से एक नोट मिला. उसमें जो लिखा था, उसे पढ़कर परिजन बिलख पड़े.

मेरी जेब में रखे हैं 1000 रुपये

सुधीर की जेब से मिले सुसाइड नोट में पेपर मिल के डीजीएम (एचआर) अजय दुरटकर और ठेकेदार संजय दानव की प्रताड़ना से त्रस्त होकर सुसाइड की बात लिखी थी. सुधीर ने उन दोनों को सख्त सजा की मांग की थी. पुलिस ने कानूनी लिखा-पढ़ी के बाद सुधीर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस ने पेपर मिल के DGM और ठेकेदार के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में कंपनी व प्रशासन खुलकर बोलने को तैयार नहीं है. नोट में लिखा था कि मेरी जेब में 1 हजार रुपये हैं, उससे अंतिम संस्कार कर देना.

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कंपनी पर उठ रहे सवाल

सुधीर के बहनोई जयदास भगत ने बताया कि सुधीर पिछले 25 वर्षों से बल्लारपुर पेपर मिल में ठेका मजदूर के रूप में काम कर रहे थे. नौ महीने पहले ठेकेदार ने सुधीर को नौकरी से निकाल दिया था, तभी से वह तनाव में था. डीजीएम व ठेकेदार से कई बार मुलाकात की, लेकिन काम नहीं मिला. जयदास ने उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की है.

आरोपी फरार, मामले में कार्रवाई जारी

बल्लारपुर के थानेदार उमेश पाटिल ने बताया कि सुधीर ने सुसाइड नोट लिखा था. उसके मुताबिक, कंपनी के DGM और ठेकेदार पर मामला दर्ज कर लिया है. घटना सामने आने के बाद DGM और ठेकेदार फरार हो गए हैं. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.

 

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