11 महीने तक राज रहा 'कत्ल', मोबाइल की घंटी ने खोला पत्नी और प्रेमी का खौफनाक सच

नवी मुंबई के ऐरोली में करीब 11 महीने पहले हुई एक हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोप है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला घोंटकर हत्या की, शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें जंगल में फेंक दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

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पति की हत्या के आरोप में पत्नी गिरफ्तार. (Photo: ITG) पति की हत्या के आरोप में पत्नी गिरफ्तार. (Photo: ITG)

अभिजीत करंडे

  • नवी मुंबई ,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:48 PM IST

नवी मुंबई के ऐरोली इलाके में करीब 11 महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का राबले एमआईडीसी पुलिस ने खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर पति की हत्या की, शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें जंगल में अलग-अलग जगह फेंक दिया. स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय सुनीता कुशवाहा और 30 वर्षीय राहुल दशरथ प्रजापति के रूप में हुई है. दोनों पर 50 वर्षीय बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा की हत्या करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, बलिराम अपनी पत्नी और राहुल के कथित प्रेम संबंध का विरोध करता था. इसी वजह से दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची.

वारदात से पहले बच्चों को भेजा मौसी के घर

पुलिस जांच में सामने आया कि 9 अगस्त 2025 की रात वारदात से पहले दंपति के दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था. इसके बाद बलिराम की सोते समय गला घोंटकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि हत्या के बाद तेज धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया. इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव के तीन हिस्से किए गए.

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ऑटो रिक्शा से जंगल में फेंके शव के टुकड़े

जांच के अनुसार, आरोपियों ने शव के अलग-अलग हिस्सों को बोरियों और चादरों में लपेटा. इसके बाद राहुल अपने ऑटो रिक्शा से उन्हें गावली देव पहाड़ी के जंगल में ले गया. वहां शव के तीनों हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया, ताकि किसी को वारदात का पता न चल सके.

लोगों से कहा, घर छोड़कर चला गया है पति

हत्या के बाद सुनीता अपने बच्चों को लेकर घंसोली चली गई और राहुल के साथ रहने लगी. इस दौरान आसपास के लोगों और परिचितों से कहा गया कि बलिराम घर छोड़कर कहीं चला गया है. इसी वजह से लंबे समय तक किसी को हत्या की भनक नहीं लगी.

भाई की शिकायत से खुला पूरा मामला

मामले का खुलासा तब हुआ, जब बलिराम के भाई ने उसकी तलाश शुरू की. काफी खोजबीन के बाद अप्रैल 2026 में राबले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले. मोबाइल नंबरों में हुए बदलाव और दोनों आरोपियों के बयानों में मिले विरोधाभास के आधार पर पूछताछ तेज की गई.

पूछताछ में सामने आई पूरी साजिश

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पुलिस के अनुसार, अलग-अलग पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी कथित तौर पर टूट गए और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस गावली देव पहाड़ी के जंगल में मृतक के कंकाल और अन्य अवशेषों की तलाश के लिए अभियान चला रही है. मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है.

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