धार्मिक आस्था और श्रद्धा के नाम पर लोगों से ठगी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जामसांवली मंदिर के नाम पर फर्जी चंदा वसूली का सामने आया है. नागपुर पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट का प्रतिनिधि बनकर दान और चंदा वसूलने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 35 साल के कृष्णा सेनाजी बालके, 22 साल के राजा गंगाधर काले और 19 साल के विशाल केशव बाल के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी बेलतरोड़ी स्थित सफल अपार्टमेंट में रहने वाले सिविल ठेकेदार राजेंद्र किसनराव संगम के घर पहुंचे. उन्होंने खुद को जामसांवली मंदिर का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए महाप्रसाद और धार्मिक कार्यों के लिए दान एवं चंदे की मांग की. बातचीत के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर संगम ने तुरंत बेलतरोड़ी पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से फर्जी रसीद पुस्तिकाएं जब्त कर लीं. जांच के दौरान जामसांवली मंदिर ट्रस्ट के सचिव से संपर्क किया गया, जिन्होंने स्पष्ट किया कि इन आरोपियों को ट्रस्ट की ओर से न तो कोई अधिकृत नियुक्ति दी गई है और न ही चंदा या दान संग्रह करने की अनुमति दी गई है.
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से मंदिर का नाम और लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर फर्जी चंदा वसूल रहे थे. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अब तक लाखों रुपये की अवैध वसूली की हो सकती है. बेलतरोड़ी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस गिरोह ने नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
योगेश पांडे