मुंबई: मंदिर के अंदर सो रहे तीन लोगों की हत्या करने वाला गिरफ्तार

कांदीवली के चारकोप में स्थित श्री साई सचिदानंद मंदिर में आग लग गई थी. जिसमें अंदर सो रहे तीन लोगों की जलकर मौत हो गई. शुरुआत में माना जा रहा था कि शोर्ट-सर्किट में आग लगने की वजह से आग लगी है, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि आग लगी नहीं थी, बल्कि लगाई गई थी.

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तीनों मृतक मंदिर के अंदर सो रहे थे. (तस्वीर-ANI) तीनों मृतक मंदिर के अंदर सो रहे थे. (तस्वीर-ANI)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 28 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST
  • रंजिश के चलते मन्दिर में लगाई गई थी आग
  • सिगरेट मंगाने को लेकर हुआ था झगड़ा
  • पुलिस की जांच में पता चला पड़ोसी ने लगाई थी आग

उत्तरी मुंबई के कांदीवली में हुए ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश हो चुका है. 27 दिसंबर की रात करीब चार बजे, कांदीवली के चारकोप में स्थित श्री साई सचिदानंद मंदिर में आग लग गई थी. जिसमें अंदर सो रहे तीन लोगों की जलकर मौत हो गई. शुरुआत में माना जा रहा था कि शोर्ट-सर्किट की वजह से आग लगी है, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि आग लगी नहीं थी, बल्कि लगाई गई थी. इस पूरे मामले का पर्दाफाश करके पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही आग लगाने वाले दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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27 दिसंबर की रात श्री साई सचिदानंद मंदिर में अचानक आग लग गयी, उस वक्त मंदिर में तीन लोग अंदर से ताला बंद कर के सो रहे थे, आग इतनी भयानक थी कि मंदिर में सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नही मिला और आसपास के लोगों को जब तक आग का पता चलता, तब तक काफी देर हो चुकी थी.

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घटना के वक्त मंदिर में मंदिर के संस्थापक युवराज पवार, सुभास खोड़े और मोनू गुप्ता तीनों सो रहे थे, जब इन्हें आग लगने की भनक हुई तो तीनों उठकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन उस वक्त मंदिर का ताला ही नही खुला और तीनों आग की चपेट में आ गए, जिसमे युवराज पवार और सुभास खोड़े की मौके पर ही मौत हो गयी और मोनू गुप्ता की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई.

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इस घटना के बाद घटना स्थल पर पहुंची चारकोप पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि मंदिर में आग लगी नही थी, बल्कि आपसी रंजिश के कारण लगाई गई थी. पुलिस को इसमें शक था कि इतनी भयानक आग कैसे लग सकती है, इसी बीच जांच के दौरान पता चला कि एक आरोपी घटना के बाद से ही लापता है, जब पुलिस उसको गिरफ्तार करने पहुंची तब उसके हाथ-पैरों पर जलने के जख्म मिले, इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने पूरी कहानी बता दी.

मृतक और आरोपी 'भावेश चांदुलकर' एक ही क्षेत्र में रहते हैं, पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था, आरोपी ने पुलिस को बताया कि 25 दिसंबर को वह मंदिर के पास खड़ा था, तभी पवार (मृतक) ने उसे सिगरेट लाने के लिये कहा, जब वह सिगरेट नही लाया तो पवार ने उसे मारा, इसके बाद उस ने बदला लेने के लिए अपनी गाड़ी से 5 लीटर पेट्रोल निकाला और अपने घर पर रख दिया, फिर अपने दोस्त के साथ मिलकर मारने का प्लान बनाया और 27 तारीख की रात को मन्दिर में 5 लीटर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया, जिसमे आरोपी के हाथ-पैर भी कुछ-कुछ जल गए''

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इस घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी "भावेश चांदुलकर" वहां से भाग गया था जिसे पुलिस ने 24 घण्टे की भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है. इस ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने भावेश चांदुलकर के साथ एक और नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है.

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