मुंबई के चेंबूर इलाके में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक छात्र की मौत हो गई थी. इस घटना की पूरी जांच के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम यानी बीएमसी ने बुधवार को दो सदस्यों की एक कमेटी बनाई. BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (स्पेशल इंजीनियरिंग) पुरुषोत्तम मालवाडे और डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (इंजीनियरिंग) शशांक भोरे को घटना की जांच करने और आठ दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.
नगर निकाय ने एक बयान में कहा कि कमेटी से विशेषज्ञों की राय लेने और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के उपाय सुझाने के लिए भी कहा गया है.
BMC के एक अधिकारी के मुताबिक, हादसे वाली जगह पर हुई जांच में पता चला है कि पेड़ के तने के आसपास कंक्रीट डाल दिया गया था, जिससे मुमकिन है कि उसकी जड़ें ठीक तरह से फैल नहीं सकीं. इसके साथ ही, इससे पेड़ का तना भी कमजोर हो गया.
2 अधिकारी किए गए सस्पेंड
चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने की घटना के बाद शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पहले डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (गार्डन) ने बुधवार को एम-वेस्ट वार्ड के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट (गार्डन) जगदीश भोईर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था. जारी आदेश में कहा गया था कि प्रथम दृष्टया मामले में लापरवाही साफ तौर पर दिखाई देती है. आदेश के मुताबिक, प्रारंभिक और विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित किया गया है.
इसके बाद, चीफ इंजीनियर (रोड्स) ने एम-वेस्ट वार्ड के असिस्टेंट इंजीनियर (रोड्स) योगेश पर्टे को भी निलंबित कर दिया है. सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया है कि घटना में शुरुआती तौर पर लापरवाही साफ तौर से दिखाई देती है. आदेश के मुताबिक, "इस मामले को देखते हुए, शुरुआती जांच पूरी होने तक आपको 1 जुलाई 2026 से निलंबित किया जाता है."
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को चेंबूर (पश्चिम) में डायमंड गार्डन के पास एक चलती हुई स्कूल बस पर पीपल का पेड़ उखड़कर गिर गया, जिससे 11 साल के एक छात्र की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. बस में 13 छात्र सवार थे. BMC के बयान के मुताबिक, उखड़े हुए पीपल के पेड़ की उम्र 60 से 70 साल के बीच आंकी गई थी और इसकी हालत को लेकर पहले कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली थी.
सर्वे में सुरक्षित पाया गया था पेड़
इस साल 12 मई को पेड़ का सर्वे किया गया था और बाहरी जांच में यह स्वस्थ और मजबूत पाया गया था. मॉनसून से पहले पेड़ों की सालाना देखभाल के तहत 29 मई को इसकी छंटाई भी की गई थी और तब इसे सुरक्षित पाया गया था.
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BMC के मुताबिक, मॉनसून की तैयारियों के तहत शहर भर में 468 सूखे या खतरनाक पेड़ों की पहचान करके उन्हें हटाया गया और 1,00,318 पेड़ों की छंटाई की गई. बीएमसी ने बताया कि 2023 में मुंबई में 687 पेड़ गिरे थे, जिनमें से 180 BMC की जमीन पर और 507 निजी प्रॉपर्टी पर थे. यह तादाद 2024 में 653 थी और 2025 में बढ़कर 855 हो गई.
जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि चेंबूर की घटना के बाद, कमिश्नर ने सिविक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों की फिर से छंटाई और तय वक्त में दोबारा जांच करें और ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं.
मुस्तफा शेख