वीडियो कॉल और धमकियां... मुंबई पुलिस की 'रक्षक' ने रोके डिजिटल अरेस्ट के पांच मामले

मुंबई पुलिस की डिजिटल "रक्षक" हेल्पलाइन ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम की पांच कोशिशों को सफलतापूर्वक रोका है. इनमें से एक मामले में, चेंबूर के एक वरिष्ठ नागरिक साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बाल-बाल बचे.

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मुंबई पुलिस की 'रक्षक' ने डिजिटल अरेस्ट के पांच मामले रोके हैं मुंबई पुलिस की 'रक्षक' ने डिजिटल अरेस्ट के पांच मामले रोके हैं

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 08 मई 2025,
  • अपडेटेड 10:13 AM IST

महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस की डिजिटल "रक्षक" हेल्पलाइन ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम की पांच कोशिशों को सफलतापूर्वक रोका है. अधिकारियों ने बुधवार को ये जानकारी दी है. इनमें से एक मामले में, चेंबूर के एक वरिष्ठ नागरिक साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बाल-बाल बचे. जालसाज ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया था. कॉल के दौरान, उसने झूठा दावा किया कि वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से बड़ी मात्रा में वित्तीय लेनदेन हुआ है, जिसका कथित तौर पर हवाला संचालन के लिए इस्तेमाल किया गया है.

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अधिकारी ने बताया कि कॉल करने वाले ने आगे दावा किया कि पीड़ित के पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल लेन-देन में किया गया है. यहां तक ​​कि उन्हें गिरफ्तारी की धमकी भी दी गई. इस स्कैम को वैध दिखाने के लिए जालसाज ने व्हाट्सएप के जरिए सीबीआई के 'लेटरहेड' पर एक फर्जी नोटिस भी भेजा.

जब कॉल चल ही रही थी, तभी बुजुर्ग की बेटी घर पहुंची और उसने देखा कि उसके पिता काफी परेशान थे. अधिकारी ने बताया कि कॉल के बारे में जानने के बाद उसने तुरंत 7400086666 पर डिजिटल रक्षक हेल्पलाइन से संपर्क किया. उसने नोटिस की तस्वीरें साइबर पुलिस को भेजीं, जिन्होंने तुरंत जवाब दिया और पुष्टि की कि दस्तावेज फर्जी थे और कॉल डिजिटल अरेस्ट स्कैम का हिस्सा था.

स्पष्टीकरण के बाद बुजुर्ग और उनकी बेटी दोनों को राहत मिली. अधिकारियों ने बताया कि ऐसे चार और मामले थे, जिनमें डिजिटल रक्षक हेल्पलाइन द्वारा समय पर हस्तक्षेप करने से इसी तरह के घोटाले रोके गए और बुजुर्ग नागरिकों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रही.

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