महाराष्ट्र: बीजेपी के पूर्व सांसद को मंदिर के गर्भगृह में जाने की नहीं मिली इजाजत, बोले- यह जनता का अपमान

पूर्व सांसद रामदास तड़स ने कहा कि 40 साल आता हूं, आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ. यह बहुत पुराना मंदिर है. मैंने सुना है कि इस मंदिर की करीब 200 एकड़ खेती थी, लेकिन अब केवल 50 एकड़ ही बची है.

Advertisement
पूर्व सांसद को नहीं मिली गर्भगृह में जाने की इजाजत पूर्व सांसद को नहीं मिली गर्भगृह में जाने की इजाजत

अभिजीत करंडे

  • वर्धा,
  • 07 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 8:15 AM IST

महाराष्ट्र (Maharashtra) के वर्धा जिले के देवली स्थित प्राचीन राम मंदिर का दर्शन से पूर्व सांसद को रोक दिया गया. रामनवमी के मौके पर पूर्व सांसद रामदास तडस और बीजेपी नेता अपनी पत्नी के साथ देवली के मंदिर में दर्शन के लिए आए थे लेकिन उन्हें गर्भ गृह में प्रवेश करने से रोक दिया गया. भूतपूर्व सांसद रामदास तड़स ने बताया कि मैं अपनी पत्नी के साथ देवली के राम मंदिर में दर्शन के लिए आया था, यह मेरा पुराना मंदिर है, मैं पिछले 40 सालों से यहां आ रहा हूं. जब हम गर्भ गृह की ओर जा रहे थे, तो हमें रोक दिया गया और कहा गया कि मैंने जानवा नहीं पहना हुआ है, इसलिए मुझे अंदर जाने की अनुमति नहीं है.

Advertisement

पूर्व सांसद रामदास तडस ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मंदिर के बाहर से ही दर्शन किया. उन्होंने इस घटना को अपमान नहीं, बल्कि सामान्य जनता का अपमान बताया.

'यह सिर्फ मेरा अपमान नहीं...'

रामदास तड़स ने कहा कि यह सिर्फ मेरा अपमान नहीं है, यह सामान्य जनता का अपमान है. आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ, यह बहुत पुराना मंदिर है. मैंने सुना है कि इस मंदिर की करीब 200 एकड़ खेती थी, लेकिन अब केवल 50 एकड़ ही बची है.

रामदास तडस ने यह भी बताया कि मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी और पुजारी पुणे में रहते हैं और वे आज ही आए थे. उन्होंने ही ऐसा फरमान जारी किया और न केवल उन्हें, बल्कि कई अन्य नागरिकों को भी दर्शन किए बिना वापस भेज दिया. देवली पुलगांव के विधायक राजेश बकाने ने भी उनसे इस बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: बीड में मस्जिद ब्लास्ट मामले में दो आरोपियों पर लगा UAPA, ईद से पहले किया था धमाका

रामदास तडस ने कहा कि यह घटना निश्चित रूप से भक्तों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का मौजू बन गई है. एक प्रतिष्ठित व्यक्ति और वर्षों से मंदिर में आने वाले भक्त को इस तरह से रोका जाना कई सवाल खड़े करता है. फिलहाल मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हम उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

---- समाप्त ----
(रिपोर्ट- सुरेंद्र रामटेक)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »