पूरा स्टेशन ही डूबा, लोकल ट्रेन भी हुई बंद... पालघर में बुरा हाल, कई KM पैदल चलने को मजबूर लोग

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई इलाके में लगातार चौथे दिन मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन फंसे और लोगों को आवाजाही के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा.

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मुंबई में मूसलाधार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है मुंबई में मूसलाधार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है

विद्या

  • मुंबई,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:15 PM IST

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई इलाके में लगातार चौथे दिन हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. शहर की कई सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं. जगह-जगह घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर जाने से वाहन बीच रास्ते में फंस गए और लोगों को आवाजाही के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा. रेलवे सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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वसई-नालासोपारा लिंक रोड पर कमर तक पानी

वसई पूर्व स्थित एवरशाइन सिटी सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में रही. वसई-नालासोपारा लिंक रोड पर कमर तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टरों की मदद से रेलवे स्टेशन तक पहुंचना शुरू किया. ट्रैक्टर चालक यात्रियों से प्रति व्यक्ति 100 रुपये किराया वसूल रहे थे. कई लोगों ने बताया कि आपात स्थिति में घर से निकलने का यही एकमात्र विकल्प बचा था.

जोखिम उठाकर बाहर निकल रहे लोग

बारिश के बीच एक युवक ने पासपोर्ट कार्यालय पहुंचने के लिए अपनी मोटरसाइकिल में जुगाड़ किया. उसने बाइक के साइलेंसर (एग्जॉस्ट) को ऊपर की ओर बढ़ाकर पानी से बचाने की व्यवस्था की, ताकि इंजन बंद न हो. युवक ने बताया कि पासपोर्ट संबंधी काम पूरा करने का यह आखिरी दिन था, इसलिए जोखिम उठाकर निकलना पड़ा. हालांकि आसपास मौजूद लोग यह भी सवाल उठाते रहे कि इतनी बारिश में पासपोर्ट कार्यालय खुला भी होगा या नहीं.

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एक अन्य निवासी मंगेश की बाइक मुख्य सड़क पर पहुंचते ही बंद हो गई. उन्होंने बताया कि उन्हें हर हाल में वसई रेलवे स्टेशन पहुंचकर अंधेरी स्थित अपने कार्यस्थल के लिए ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन जलभराव के कारण यात्रा मुश्किल हो गई.

दूसरी ओर, कुछ लोग महंगी कारों में रेनकोट पहनकर केवल बारिश का आनंद लेने के लिए शहर की सड़कों पर निकलते भी दिखाई दिए. वहीं दोपहर तक जलभराव बढ़ने के साथ कई वाहन पूरी तरह बंद हो गए. पानी में सांप भी दिखाई दिए, जबकि कुछ बच्चे सड़कों पर भरे पानी को स्विमिंग पूल की तरह इस्तेमाल करते नजर आए.

वसई रोड रेलवे स्टेशन पर भी अफरातफरी

वसई रोड रेलवे स्टेशन पर भी अफरातफरी का माहौल रहा. स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर सभी ट्रेनों के सामने '00:00' समय दिखाई दे रहा था. जलभराव के कारण विरार की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं. अधिकांश लोकल ट्रेनें वसई रोड स्टेशन तक ही संचालित की गईं. विरार की दिशा में केवल कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें चल रही थीं. कई यात्री प्लेटफॉर्म बदलने के लिए रेलवे ट्रैक पार करते दिखाई दिए, हालांकि उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं था कि ट्रेनें नालासोपारा या विरार में रुकेंगी या नहीं.

कई यात्रियों ने जोखिम उठाते हुए रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल ही नालासोपारा और विरार की ओर चलना शुरू कर दिया. इस बीच विरार की ओर से आने वाली लोकल ट्रेनें बहुत कम अंतराल पर चल रही थीं, जबकि कुछ एसी लोकल ट्रेनें वसई की ओर आती दिखाई दीं. हाल ही में वंदे भारत ट्रेन के वीडियो ने लोगों को चौंकाया था, जो पानी से लबालब भरे ट्रैक से गुजर रही थी. अब सामने आया है कि
मुंबई से वसई विरार का रेल नेटवर्क टूट गया है.

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एक अस्पताल में कार्यरत महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले एक दशक से हर मानसून में यही स्थिति बनती है और लोगों को घर पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति दक्षिण मुंबई के इलाकों में क्यों नहीं बनती और हर साल वसई-विरार के लोगों को ही परेशानी क्यों झेलनी पड़ती है.

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर पानी का स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पहुंच गया था. सुरक्षा कारणों से विरार की ओर ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा. उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी का स्तर घटेगा, ट्रेन सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी. वहीं रेकों के संचालन में गड़बड़ी के कारण चर्चगेट की ओर जाने वाली कई लोकल ट्रेनें भी देरी से चलीं.

महाराष्ट्र के कई इलाकों में रेड अलर्ट

महाराष्ट्र के कई इलाकों में रेड अलर्ट है. नासिक में मंगलवार को बादल फटने की आशंका थी जिसके चलते एहतियातन त्रयंबकेश्वर मंदिर को बंद कर दिया गया है. पालघर में बारिश से रेल लाइनों के पानी में डूबने से ट्रेन लोकल बीच में ही रोकनी पड़ी स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई.

पुणे शहर का बारिश से हाल बेहाल है सड़कें दरिया बन चुकी हैं और घरों में पानी घुस चुका है नैट पुणे की ये सोसायटी देखिए जो पूरी तरह से जलमग्न है, जिससे लोगों का भारी नुकसान हुआ है. हालत ये हो चुकी है कि सोसाइटी के अंदर अपने ही घर में फंस चुके लोगों को बोट से रेस्क्यू किया जा रहा है. जब लोग अपने घरों से पानी निकालने और सामान बचाने में जुटे हैं, तब उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि गायब हैं यही बात जनता को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है

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महाराष्ट्र में बारिश से ठाणे भी ठहर गया है. मुंबई गोवा हाइवे भी बारिश की वजह से प्रभावित दिखा. मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर भी जाम दिखा, जहां पर कई किलो मीटर तक गाड़ियां खड़ी हुई दिखीं महाराष्ट्र के नासिक, पालघर के लिए मौसम विभाग ने रेड वॉर्निंग जारी की है वहीं मुंबई रायगढ़-रत्नागिरि ठाणे के लिए ऑरेंज अलर्ट है.

पालघर में बारिश के पानी में डूबी कार

महाराष्ट्र का पालघर सबसे ज्यादा बारिश से प्रभावित इलाका है. जहां शहर पानी में डूब चुका है. पालघर तालुका के साखरे गांव में वरई-सफाले मार्ग पर बारिश का पानी इतना भरा कि एक कार डूब गई. जब कार डूबी तो उस वक्त उसमें तीन लोग फंसे हुए थे, जिनमें एक मरीज भी शामिल था. घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. रस्सी की मदद से डूबी हुई कार को बाहर निकाला गया. कार में फंसे तीनों लोग सुरक्षित बच गए.

पालघर में तो पूरा इलाका ही ऐसा लग रहा है कि वह बारिश के पानी में समाधि ले रहा है. यहां लोगों की जान मुश्किल में फंस गई, लेकिन एनडीआरएफ के जवान बोट लेकर पहुंचे और 200 लोगों को बोट के जरिए सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया.

वीरेंद्रनगर में घरों में भरा पानी

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इसी तरह वीरेंद्रनगर इलाके में ऐसी आफत बरसी कि कई घरों में बारिश का पानी भर गया. यहां सड़कें समंदर नजर आ रही हैं. घरों के दरवाजे पर खड़े लोग राहत का इंतजार करते दिख रहे हैं. संकट की इस घड़ी में स्थानीय लोग खुद एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. एक मासूम बच्ची पानी से घिरे एक घर में फंस गई थी जिसे स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला. सरकार की तरफ से लोगों को एहतियात बरतने की अपील की गई है.

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