देश की मायानगरी भी इन दिनों सियासत के रंग में रंगी है. यहां वृहन्नमुंबई नगर निगम यानी बीएमसी चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं. चुनावी मैदान में बीजेपी और शिवसेना भी इस बार आमने-सामने हैं.
उद्धव पर तंज
बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मुलुंड इलाके में एक प्रचार रैली के दौरान शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे पर जमकर तंज कसे. उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना ने मुंबई को पटना में तब्दील करके रख दिया है. सीएम का कहना था कि वो ठाकरे को इस चुनाव में गठबंधन तोड़ने का दोषी नहीं मानते. उनकी राय में कसूर ठाकरे के सलाहकारों का है जो शिवसेना को खत्म करने पर तुले हैं.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री का जोर विकास के कामों पर रहा. फड़नवीस का दावा था कि उनका ध्यान सिर्फ सरकार में पारदर्शिता बढ़ाने पर है.उन्होंने ट्रांसपेरेंसी पर एक हालिया रिपोर्ट में बीएमसी को 40 अंक मिलने का श्रेय भी अपनी सरकार को दिया. फड़नवीस के मुताबिक उनकी सरकार ने मुंबई में 1 लाख करोड़ रुपये के विकास के कामों को हरी झंडी दी है. इसके अलावा मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. मुख्यमंत्री की मानें तो उनके राज में मुंबई देश की पहली Wi-Fi सिटी बनकर उभरी है.
उद्धव का जवाब
पटना से मुंबई की तुलना उद्धव ठाकरे को रास नहीं आई. उन्होंने दावा किया कि अगर ये तुलना सही है तो वो राजनीति छोड़ देंगे. लेकिन अगर ये झूठ है तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को भी यही करना चाहिए. उनकी राय में ये दोनों शहरों का अपमान है. ठाकरे ने पीएम मोदी के खिलाफ भी मोर्चा खोला. उनका आरोप था कि मोदी घमंडी हैं और लोग उनके झूठ से लोग परेशान हो चुके हैं.
देश की सबसे बड़ी नगरपालिका में इस बार बीजेपी और शिवसेना अलग- अलग चुनाव लड़ रही हैं. हालांकि राज्य और केंद्र में दोनों का गठबंधन मौजूद है. बीजेपी 227 सीटों वाली बीएमसी में 114 सीटें मांग रही थी. लेकिन शिवसेना 60 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं थी. जब बात नहीं बनी तो शिवसेना ने अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया. बाद में बीजेपी ने भी 195 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी. इसके बाद से दोनों पार्टियों मे जुबानी जंग जारी है. बीएमसी चुनावों के लिए 21 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. नतीजे 23 फरवरी को आएंगे.
कमलेश सुतार