'मेरा बेटा बेगुनाह है, हमने कभी सिया का नाम तक नहीं सुना', लोहागढ़ केस में आरोपी चेतन के पिता का दावा

पुणे के चर्चित लोहागढ़ किले मौत मामले में नया मोड़ सामने आया है. पुलिस जहां इसे सुनियोजित हत्या बता रही है, वहीं आरोपी चेतन चौधरी के पिता ने बेटे को बेगुनाह बताया है. उनका कहना है कि चेतन का घटना से कोई संबंध नहीं है और वह मौके पर दूर खड़ा था. दूसरी तरफ पुलिस की जांच में साजिश, प्रेम संबंध और हत्या के आरोप सामने आए हैं.

Advertisement
एक मौत, दो कहानियां, परिवार और पुलिस आमने-सामने (Photo: ITG) एक मौत, दो कहानियां, परिवार और पुलिस आमने-सामने (Photo: ITG)

aajtak.in

  • पुणे ,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST

पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला मौत मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे और दावे सामने आ रहे हैं. एक तरफ पुलिस इस मामले को सुनियोजित हत्या मानते हुए जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. आरोपी चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा इस मामले में बेगुनाह है और उसे झूठा फंसाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन चेतन ने उन्हें सिर्फ इतना बताया था कि उसकी एक मीटिंग है और वह वहां जा रहा है. उसने न तो किसी लड़की के बारे में बताया था और न ही किसी अन्य योजना की जानकारी दी थी.

Advertisement

बाबूलाल चौधरी ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने उस लड़की को कभी नहीं देखा. उन्होंने बताया कि उन्हें सिया नाम की लड़की के बारे में भी पहली बार हाल ही में पता चला. उनका कहना है कि परिवार का उससे कोई परिचय नहीं है. उन्होंने दावा किया कि चेतन ने उनसे साफ कहा है कि उसने केतन अग्रवाल को धक्का नहीं दिया था. बाबूलाल चौधरी के मुताबिक चेतन ने बताया कि वह घटना के समय कुछ दूरी पर खड़ा था, जबकि सिया वहीं मौजूद थी जहां से केतन नीचे गिरा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि सिया ने कोई धक्का दिया था या नहीं.

प्री-वेडिंग प्लान से मौत तक

चेतन के पिता ने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया था कि यह कोई बड़ा मामला नहीं है और यह धोखाधड़ी से जुड़ा मामला प्रतीत होता है. उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें यह भी कहा था कि उनके बेटे को दो घंटे के भीतर छोड़ दिया जाएगा. इस बीच पुलिस की जांच एक अलग तस्वीर पेश कर रही है. जांच के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी कथित रूप से एक-दूसरे के साथ संबंध में थे. पुलिस का दावा है कि सिया अपने तय शादी से खुश नहीं थी और केतन अग्रवाल को अपने रिश्ते के बीच की बाधा मानती थी.

Advertisement

जांच में सामने आया है कि केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी तय थी. दोनों की शादी से पहले कई कार्यक्रमों की तैयारी चल रही थी. परिवार के अनुसार दोनों शादी से पहले बाली घूमने जाने वाले थे. यात्रा की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन रास्ते में सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसका पासपोर्ट खो गया है, जिसके बाद यात्रा रद्द करनी पड़ी. परिवार का यह भी कहना है कि केतन ने सिया के जन्मदिन के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में कार्यक्रम की तैयारी की थी और लगभग 40 कमरे बुक कराए थे. इसके अलावा लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की भी योजना बनाई गई थी.

पुलिस के अनुसार 31 मई को केतन और सिया लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे. जांच में दावा किया गया है कि इसी दौरान केतन की हत्या की योजना बनाई गई. पुलिस का कहना है कि 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास किया गया था, जब केतन को सांप का डर दिखाकर घाटी की ओर धकेलने की कोशिश की गई, लेकिन वह प्रयास सफल नहीं हुआ.

इसके बाद 19 जून को एक और ट्रेक की योजना बनाई गई. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान चेतन चौधरी को वहां बुलाया गया और केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है.

Advertisement

लोहागढ़ की कहानी में खुल रहे नए राज

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चेतन चौधरी को तड़के करीब दो बजे हिरासत में लिया. इसके बाद सुबह करीब सात बजे सिया गोयल को भी हिरासत में लिया गया. फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है. लोहागढ़ किले पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. अब इस मामले में पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »