'पेट दर्द है तो दवाखाना जाएं', पवार संग मीटिंग के बाद शिंदे का संजय राउत पर पलटवार

महाराष्ट्र में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की बैठक को लेकर ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने तीखा हमला किया था. अब शिंदे ने इस पर पलटवार करते हुए संजय राउत को आड़े हाथों लिया है. शिंदे ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का सम्मान करना जरूरी है. शिंदे ने इस पूरे विवाद को 'छोटी मानसिकता' बताया और कहा कि वो ऐसे आलोचकों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं.

Advertisement
एकनाथ शिंदे ने शरद पवार का सम्मान करना संस्कृति बताया. (Photo- PTI) एकनाथ शिंदे ने शरद पवार का सम्मान करना संस्कृति बताया. (Photo- PTI)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:09 PM IST

महाराष्ट्र में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर घमासान छिड़ गया है. ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात पर तीखा हमला बोला था. ऐसे में अब शिंदे ने भी पलटवार करते हुए संजय राउत को आड़े हाथों लिया है.

बुधवार को शरद पवार विधान भवन गए थे. वहां उन्होंने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के दफ्तर में अपनी पार्टी की एक बैठक की थी. इस दौरान एकनाथ शिंदे भी कैबिनेट मीटिंग छोड़कर शरद पवार के स्वागत के लिए वहां पहुंचे थे. इस पर संजय राउत ने नाराजगी जताई थी.

Advertisement

एकनाथ शिंदे ने शरद पवार के साथ अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए संजय राउत को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ये महाराष्ट्र की समृद्ध राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है. शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का अपने दफ्तर में स्वागत करना एक बुनियादी सम्मान की बात है.

'पेट में दर्द हो रहा हो तो...' 

संजय राउत पर तंज कसते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस बैठक को देखकर जिन लोगों के 'पेट में दर्द' हो रहा है या जो अपनी मानसिक शांति खो रहे हैं, उनके इलाज के लिए हमारी सरकार ने मुंबई और ठाणे में कई 'आपला दवाखाना' क्लिनिक खोले हैं. वो वहां जाकर अपना इलाज करा सकते हैं. शिंदे ने इस पूरे विवाद को 'छोटी मानसिकता' बताया और कहा कि वो ऐसे आलोचकों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: एकनाथ शिंदे से मुलाकात... फडणवीस को संदेश! महाराष्ट्र में शरद पवार की इस 'सरप्राइज विजिट' के मायने समझिए

संजय राउत ने क्या कहा था?

बता दें कि संजय राउत ने कहा था शरद पवार एक बहुत बड़े नेता हैं. लेकिन जिसने सरकार गिराई, उस 'गद्दार' की छत के नीचे जाकर बैठक करने से एक बड़े नेता की क्रेडिबिलिटी कम होती है. उन्होंने कहा था, हम इतने बड़े दिल वाले नहीं हैं. अगर आप गद्दारों को इज्जत देना चाहते हैं, तो आपको अपनी पार्टी में हुए धोखे के बारे में बात करने का कोई हक नहीं है. फिर उन गद्दारों के खिलाफ कोर्ट में जाकर लड़ने की क्या जरूरत है? 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »