फर्जी स्टूडेंट, चेहरे पर परेशानी और QR कोड... मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े गए शातिर जालसाज की कहानी

एक युवक... हाथ में मोबाइल, चेहरे पर परेशानी और जुबान पर मदद की गुहार. वह खुद को छात्र बताता, टिकट रद्द होने की कहानी सुनाता और सामने वाला उसके खाते में पैसे भेज देता. लेकिन यह कोई मजबूर यात्री नहीं, बल्कि देशभर के एयरपोर्ट पर ठगी करने वाला शातिर जालसाज था. मुंबई पुलिस ने अब उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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कई एयरपोर्ट पुलिस थानों में 10 से अधिक मामले दर्ज. (File Photo: ITG) कई एयरपोर्ट पुलिस थानों में 10 से अधिक मामले दर्ज. (File Photo: ITG)

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:28 AM IST

एयरपोर्ट पर अक्सर लोग जल्दी में होते हैं. कोई फ्लाइट पकड़ने की दौड़ में होता है, तो कोई सफर की थकान में. इसी भीड़ में एक युवक भी दिखाई देता था. चेहरे पर परेशानी, जुबान पर मदद की गुहार और कहानी ऐसी कि सामने वाला आसानी से भरोसा कर ले. वह खुद को कॉलेज का छात्र बताता था. कहता था कि फ्लाइट टिकट रद्द हो गया है, घर लौटना है, लेकिन पैसे नहीं हैं. फिर मदद की अपील करता था. कई यात्री उसकी बातों में आ जाते और यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर कर देते. लेकिन रकम मिलते ही यह 'बेचारा छात्र' गायब हो जाता था.

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अब मुंबई के सहार एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन ने इस शातिर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी मोंडोल वेंकट दिनेश कुमार के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ देश के अलग-अलग एयरपोर्ट थानों में 10 से ज्यादा धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं.

21 मई 2026 को मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के बाहर आरोपी ने एक यात्री को अपनी कहानी सुनाई. उसने दावा किया कि वह नागपुर के एक कॉलेज का छात्र है और उसका टिकट रद्द हो गया है. नया टिकट खरीदने के लिए उसे पैसों की जरूरत है. भावनात्मक कहानी सुनकर यात्री ने क्यूआर कोड के जरिए 19,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए. आरोपी ने पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता का नंबर ही ब्लॉक कर दिया. इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की. जांच में पता चला कि वह जिन मोबाइल नंबरों और क्यूआर कोड का इस्तेमाल करता था, वे दूसरे लोगों के नाम पर थे. आरोपी लगातार शहर, मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था.

तकनीकी निगरानी से पुलिस को पता चला कि पिछले 15 दिनों में वह नागपुर, भोपाल, लखनऊ, वाराणसी और हैदराबाद जैसे शहरों में था. 28 मई को सूचना मिली कि वह फिर मुंबई पहुंचा है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और टर्मिनल-2 के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया.

मजबूरी की कहानी सुनाकर ऐंठ लेता था रुपये

पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड, तीन फर्जी आधार कार्ड, फर्जी कॉलेज आईडी और नकदी बरामद की है. बरामद सामान की कुल कीमत करीब 2.05 लाख रुपये है.

पुलिस ने जब जांच की तो सामने आया कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली, बेंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी, कन्नूर और मुंबई समेत कई शहरों के एयरपोर्ट थानों में मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मामले हैं. उसका तरीका लगभग एक जैसा था- मजबूरी की कहानी सुनाओ, भरोसा जीतो, पैसे लो और फिर गायब हो जाओ. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि देश के अलग-अलग राज्यों में उसके खिलाफ और भी मामले सामने आ सकते हैं.

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