मां की गोद से सड़क पर गिरा 4 महीने का मासूम, नशे में धुत माता-पिता को 400 मीटर तक नहीं चला पता, पुलिस ने सुनाई पूरी कहानी

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शराब के नशे में धुत दंपति की लापरवाही ने चार महीने के मासूम की जान खतरे में डाल दी. मां की गोद से बच्चा चलते दोपहिया वाहन से सड़क पर गिर गया, लेकिन माता-पिता को करीब 400 मीटर तक इसका एहसास ही नहीं हुआ. राहगीरों की सूचना और पुलिस की तत्परता से मासूम की जान बच गई.

Advertisement
थाना प्रभारी ने बताई पूरी घटना.(Photo: AI-generated) थाना प्रभारी ने बताई पूरी घटना.(Photo: AI-generated)

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:06 PM IST

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भिसी में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां शराब के नशे में धुत एक दंपति की लापरवाही के कारण चार महीने का मासूम चलते बाइक से सड़क पर गिर गया. हैरानी की बात यह रही कि माता-पिता को करीब 400 मीटर तक इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि उनका बेटा पीछे सड़क पर छूट चुका है.

Advertisement

अगर समय रहते राहगीरों की नजर बच्चे पर नहीं पड़ती और पुलिस तत्काल मौके पर नहीं पहुंचती, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी. पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण मासूम की जान बच गई. बच्चे को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत फिलहाल सुरक्षित बताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र के चंद्रपुर में चलती स्कूटी पर गिरा पेड़, युवक और तीन साल की बच्ची घायल, रोंगटे खड़े कर देगा वीडियो

दरअसल, यह घटना बुधवार रात भिसी बायपास स्थित मौली ढाबा के पास हुई. पुलिस के अनुसार, फूलचंद राउत और उनकी पत्नी मीरा राउत अपने चार महीने के बेटे और ढाई साल की बेटी के साथ स्प्लेंडर बाइक से नागपुर के पास नांदा से चिमूर स्थित रिश्तेदार के घर जा रहे थे. दोनों ने शराब पी रखी थी.

Advertisement

चलती बाइक से गिरा मासूम, माता-पिता को नहीं हुआ एहसास

पुलिस के मुताबिक, सफर के दौरान चार महीने का बच्चा मां की गोद में बैठा हुआ था. रास्ते में अचानक वह मां की गोद से फिसलकर सड़क पर गिर गया. लेकिन शराब के नशे में होने के कारण दंपति को इसका बिल्कुल भी पता नहीं चला.

बाइक करीब 400 मीटर तक आगे बढ़ती रही. इसी दौरान खराब सड़क और नशे की वजह से बाइक भी अनियंत्रित होकर फिसल गई. पति-पत्नी और उनके साथ मौजूद ढाई साल की बेटी सड़क पर गिर पड़े. इसके बावजूद उन्हें यह एहसास नहीं हुआ कि उनका चार महीने का बेटा काफी पीछे सड़क पर गिर चुका है.

उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर सड़क पर पड़े मासूम पर पड़ी. उन्होंने तुरंत बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और भिसी पुलिस को सूचना दी. साथ ही बताया कि कुछ दूरी पर एक दंपति भी सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा हुआ है.

राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने बचाई जान

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मंगेश भोंगडे, पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र वाघ और उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने सबसे पहले चार महीने के मासूम को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया. समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई.

Advertisement

इसके बाद पुलिस ने घायल दंपति और उनकी बेटी को भी अस्पताल पहुंचाया. जांच के दौरान पता चला कि बच्चा उन्हीं का है, जो बाइक से गिरने के बाद करीब 400 मीटर पीछे सड़क पर छूट गया था.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि राहगीरों ने सतर्कता नहीं दिखाई होती या सूचना देने में देरी हो जाती, तो पीछे से आने वाले वाहनों की चपेट में आने से मासूम की जान जा सकती थी.

थाना प्रभारी ने बताई पूरी घटना

थाना प्रभारी मंगेश भोंगडे ने बताया कि फूलचंद राउत और मीरा राउत के कुल आठ बच्चे हैं. दोनों शराब के नशे में अपने रिश्तेदार के यहां चिमूर जा रहे थे. खराब सड़क और अत्यधिक नशे के कारण उन्हें यह तक पता नहीं चला कि मां की गोद से चार महीने का बेटा कब सड़क पर गिर गया.

पुलिस ने दंपति के खिलाफ ड्रंक एंड ड्राइव के तहत कार्रवाई की है. घटना में दंपति, उनकी बेटी और मासूम को मामूली चोटें आई हैं. सभी का उपचार कराया गया.

लापरवाही का बड़ा सबक

यह घटना एक बार फिर बताती है कि शराब पीकर वाहन चलाना सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि अपने साथ-साथ मासूम बच्चों और अन्य लोगों की जिंदगी को भी गंभीर खतरे में डालने वाली लापरवाही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें और बच्चों के साथ यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »