मुंबई: अंबानी परिवार को नहीं है कोई खतरा, गुजरात के टूरिस्ट निकले 'संदिग्ध', देखना चाहते थे एंटीलिया

तीन लोग सोमवार को गुजरात के कच्छ से आए थे, उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया जैसे पर्यटन स्थलों का दौरा किया और अन्य जगह भी देखना चाहते थे. जिसके चलते उनकी टूरिस्ट कार के ड्राइवर ने एक अन्य कैब ड्राइवर से एंटीलिया का पता पूछा.

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कैब ड्राईवर के फ़ोन के बाद एंटीलिया के बाहर बढ़ाई गयी थी सुरक्षा कैब ड्राईवर के फ़ोन के बाद एंटीलिया के बाहर बढ़ाई गयी थी सुरक्षा

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 09 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 9:47 PM IST
  • कैब ड्राईवर ने शक में किया था पुलिस कंट्रोल रूम को फोन
  • गुजरात से मुंबई घूमने आए थे पर्यटक

मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया की सुरक्षा सोमवार को बढ़ा दी गयी. एक जानकारी के मुताबिक मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को एक टैक्सी ड्राईवर का फोन आया था. जिसमें ड्राईवर ने बताया कि कोई दो लोग एंटीलिया की लोकेशन के बारे में पूछ रहे हैं.  पुलिस के मुताबिक सूचना देने वाले टैक्सी ड्राईवर ने बताया कि वो दो लोग थे. उनमें एक दाढ़ी वाला शख्स था. जिसने किला कोर्ट के पास उससे एंटीलिया की लोकेशन पूछी थी. उन दोनों के पास एक बैग भी था. इस सूचना के बाद पुलिस उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली. 

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बताया जा रहा है कि तीन लोग सोमवार को गुजरात के कच्छ से आए थे, उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया जैसे पर्यटन स्थलों का दौरा किया और अन्य जगह भी देखना चाहते थे. जिसके चलते उनकी टूरिस्ट कार के ड्राईवर ने एक अन्य कैब ड्राइवर से एंटीलिया का पता पूछा. कैब ड्राइवर ने हालांकि पहले उसे ऑनलाइन सर्च करने के लिए कहा, लेकिन बाद में रास्ता बता दिया. ऐसे में वो सभी पर्यटक एंटीलिया देखने पहुंचे और फिर सोमवार को ही गुजरात के लिए रवाना हो गए.

जिसके बाद उस कैब ड्राईवर को कुछ शक हुआ तो उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी. मामले में जब मुंबई पुलिस ने सोमवार रात को संदिग्ध टूरिस्ट कार के ड्राइवर का पता लगाया तो यह साफ हो गया कि कोई खतरा नहीं था. वाशी से हिरासत में लिए गए ड्राईवर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, और उसे छोड़ दिया गया. 


एंटीलिया केस

बता दें कि मुंबई में 27 मंजिला एंटीलिया में प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी अपने परिजनों के साथ रहते हैं. इसी साल 25 फरवरी को एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी एक कार से बरामद हुई थी. उस गाड़ी में एक धमकीभरा नोट भी पुलिस को मिला था, जिसमें अंबानी परिवार को धमकी दी गई थी. इस मामले को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में भी उबाल आ गया था.

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छानबीन में वो गाड़ी मनसुख हिरेन नामक एक कारोबारी की निकली थी, जो एक हफ्ते पहले ही अपनी कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था. लेकिन इस मामले के सुर्खियों में आने के एक सप्ताह बाद मनसुख हिरेन की लाश मुंब्रा क्रीक में पाई गई थी. इस पूरे मामले की साजिश रचने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच के एपीआई सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया था. जो अभी भी जेल में बंद है. उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.

 

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