जमशेदपुर में महिला से छेड़छाड़, Bar के बाहर चाकूबाजी में युवक की मौत, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

जमशेदपुर में बार के बाहर हुए चाकूबाजी हमले में घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद शहर में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. पुलिस ने बार मालिक समेत 10 लोगों पर केस दर्ज किया और गश्ती दल की लापरवाही मिलने पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में हमला होने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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(Photo: Representational) (Photo: Representational)

aajtak.in

  • जमशेदपुर,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

झारखंड के जमशेदपुर में बार के बाहर हुए चाकूबाजी के मामले में गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना के बाद शहर में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. गुस्साए लोगों ने कई घंटों तक सड़क जाम कर दी, टायर जलाए और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए. मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

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पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के एक बार में कथित तौर पर महिला से छेड़छाड़ का विरोध करने पर हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष का कुछ लोगों से विवाद हो गया. सूचना मिलने पर पुलिस दोनों को अपनी गश्ती गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी. आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने दोनों को पुलिस वाहन से जबरन बाहर खींच लिया और चाकू से हमला कर दिया. हमले में घायल हिमांशु की सोमवार शाम मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष की हालत गंभीर बनी हुई है.

हालांकि, मृतक के परिजनों ने छेड़छाड़ की बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि हिमांशु और प्रत्यूष बार में दो पक्षों के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों को गाड़ी से बाहर निकालकर धारदार हथियार से हमला किया गया और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे.

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घटना के बाद हिमांशु के परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. परिवार ने मांग की है कि 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो, दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और हिमांशु की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए.

पुलिस ने बार मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. डीएसपी स्तर की जांच और सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के बाद गश्ती दल की लापरवाही सामने आने पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.

हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने छह घंटे से अधिक समय तक सड़क जाम रखा, टायर जलाए और पुलिस पर मुख्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया. इस दौरान एसपी (सिटी) ललित मीणा की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई. हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और विधायक सरयू राय ने भी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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