मार्च के आखिर तक खुलेगा श्रीनगर-करगिल हाईवे

बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के चीफ इंजीनियर, ब्रिगेडियर आशीष कुमार दास ने बताया, 'जोजिला के पास सड़कों पर एवलांच और लैंडस्लाइड हुआ है. हमने बर्फ को हटाना शुरू कर दिया था.'

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बर्फबारी से बढ़ी हैं दिक्कतें बर्फबारी से बढ़ी हैं दिक्कतें

अंजलि कर्मकार

  • जम्मू,
  • 20 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 12:36 AM IST

जम्मू-कश्मीर के करगिल और लद्दाख इलाके के लोगों के लिए अच्छी खबर है. चीन के साथ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) और पाकिस्तान के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान श्रीनगर करगिल हाईवे मार्च के आखिरी हफ्ते में खोला जाएगा.

बर्फबारी से बढ़ी हैं दिक्कतें
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के चीफ इंजीनियर, ब्रिगेडियर आशीष कुमार दास ने बताया, 'जोजिला के पास सड़कों पर एवलांच और लैंडस्लाइड हुआ है. हमने बर्फ को हटाना शुरू कर दिया था. हालांकि, बीच में बर्फबारी से दिक्कतें बढ़ गई हैं. उम्मीद है कि अगले 10 दिनों में काम पूरा हो जाएगा. बता दें, इस इलाके में सर्दियों में 30 से 50 फीट तक बर्फ जमा हो जाती है. यहां से बर्फ हटाना बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के लिए हमेशा से चुनौती भरा काम रहा है.

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लोगों के लिए लाइफ लाइन है जोजिला पास
श्रीनगर-करगिल-लेह से जुड़ने वाले इंडियन नेशनल हाईवे से 11,649 फीट (3528 मीटर) पर स्थित जोजिला पास इस इलाके के लोगों के लिए जीवन रेखा है. ये एकमात्र ऐसी सड़क है, जो इस इलाके को से होते हुए आसपास के क्षेत्रों से जोड़ती है. हालांकि, ये सड़क हर साल एवलांच और बर्फबारी के चलते करीब 6 महीने के लिए बंद रहती है. सर्दी के मौसम में ये सड़क देर रात यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए सुरक्षित भी नहीं है.

सेना भी इस सड़क पर निर्भर
यहां के इलाकों में तैनात भी अपनी जरूरतों के लिए इस सड़क पर निर्भर है. सेना को खाने-पीने और जरूरी चीजों की सप्लाई इस सड़क के जरिए होती है. इस सड़क पर दोबारा ट्रैफिक शुरू होने के बाद संबंधित इलाकों में तैनात को दूध, सब्जियों और फलों की सप्लाई की जा सकेगी.

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