अमरनाथ श्राइन बोर्ड पर भड़कीं इल्तिजा मुफ्ती, पूछा- 10 हजार की इजाजत तो रोज 22 हजार श्रद्धालु क्यों?

जम्मू-कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा में भारी भीड़ की वजह से पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता जताई है. PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अमरनाथ गुफा की सुरक्षा और प्राकृतिक हिमलिंग के संरक्षण पर ध्यान देने के लिए कहा है. उन्होंने अवैध खनन, पेड़ों की कटाई, कचरा प्रबंधन की कमी और पानी के स्तर में गिरावट को पर्यावरण संकट के असल कारण बताया.

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इल्तिजा मुफ्ती ने हिमलिंग पिघलने पर चिंता जताई. (Photo- PTI/Pexels) इल्तिजा मुफ्ती ने हिमलिंग पिघलने पर चिंता जताई. (Photo- PTI/Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

जम्मू-कश्मीर में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए चल रही अमरनाथ यात्रा में भारी भीड़ नजर आ रही है. इस बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अमरनाथ गुफा और वहां के पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या से ज्यादा पवित्र गुफा की 'गुणवत्ता और संरक्षण' पर ध्यान देना चाहिए.

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इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शुरुआती पांच दिनों में ही 1.13 लाख से ज्यादा लोगों ने दर्शन किए हैं. इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 22,000 लोग गुफा तक पहुंच रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना सिर्फ 10,000 तीर्थयात्रियों की सीमा तय की थी.'

इल्तिजा मुफ्ती ने आगे कहा कि यात्रा शुरू हुए अभी सिर्फ एक हफ्ता हुआ है और प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिमलिंग अभी से पिघल चुका है. इसके लिए उन्होंने बिना सोचे-समझे पेड़ों की कटाई, अवैध खनन, कचरा प्रबंधन की कमी और पानी के स्तर में आ रही खतरनाक गिरावट जैसे कारणों को जिम्मेदार ठहराया. 

'कश्मीर का अस्तित्व ही खत्म हो...'

PDP नेता ने आरोप लगाया कि कश्मीर की राजनीति में पर्यावरण एक बलि का बकरा बन गया है, क्योंकि इसकी कोई राजनीतिक कीमत नहीं है. उन्होंने पहाड़ों, नदियों और ग्लेशियरों को बचाने के लिए भूटान की तर्ज पर एक लंबी और स्थायी पर्यावरण और पर्यटन नीति बनाने की मांग की. उन्होंने चेताया, 'अगर ऐसा नहीं किया गया, तो कश्मीर का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा.'

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इल्तिजा मुफ्ती ने अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) को याद दिलाया कि ये पवित्र स्थल बर्फ से ढकी पहाड़ियों और ग्लेशियरों के बीच एक बेहद नाजुक गुफा में है. ये हिंदुओं के लिए 12वीं शताब्दी से ही बेहद अहम और आस्था का केंद्र रहा है. उन्होंने वहां हो रहे गैर-जरूरी निर्माण कार्य, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना पर सवाल उठाए और कहा कि इन कदमों से यहां भारी तबाही आ सकती है.

श्राइन बोर्ड को किया अलर्ट

इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि अमरनाथ यात्रा कश्मीरियत के लोकाचार से गहराई से जुड़ी हुई है और कश्मीर में तीर्थयात्रियों का हमेशा स्वागत है. लेकिन इस परंपरा को बनाए रखने के लिए श्राइन बोर्ड को इस जगह को लेकर ज्यादा सतर्क होना होगा. उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा भी था जब प्राकृतिक हिमलिंग पूरी यात्रा अवधि के बाद तक बना रहता था. 

यह भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा में भारी भीड़... बिना रजिस्ट्रेशन उमड़े श्रद्धालु, प्रशासन को जारी करनी पड़ी एडवाइजरी

बता दें कि अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और ये 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार के दिन खत्म होगी. इस 57 दिवसीय यात्रा के पहले पांच दिनों में ही तीर्थयात्रियों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर गई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं.

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