सावधान... इस जिले के 60 गांव बने साइबर ठगों का गढ़, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

नूंह जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने 60 गांवों को हॉटस्पॉट के तौर पर पहचान की है. इन गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर सहयोग मांगा गया है. पुलिस का कहना है कि फर्जी बैंक खाते और दस्तावेजों का दुरुपयोग साइबर अपराध में किया जा रहा है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

Advertisement
साइबर ठगों को लेकर पुलिस ने जारी की चेतावनी. (Photo: Unsplash) साइबर ठगों को लेकर पुलिस ने जारी की चेतावनी. (Photo: Unsplash)

aajtak.in

  • नूंह,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

हरियाणा के नूंह जिले में बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों के आधार पर जिले के 60 गांवों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है. इन गांवों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नागरिकों को नोटिस जारी कर पुलिस ने सहयोग की अपील की है. मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एडिशनल एसपी शशि शेखर ने इस अभियान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि साइबर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. हाल के अभियानों में कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है. उनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, बैंक चेक बुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

Advertisement

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में ग्रामीणों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले जाते हैं. कुछ लोग खुद को बैंक अधिकारी बताकर गांवों में पहुंचते हैं और बैंक खाता खोलने या अन्य बैंकिंग सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर लोगों से दस्तावेज और हस्ताक्षर हासिल कर लेते हैं. बाद में इन्हीं दस्तावेजों और खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता है.

एडिशनल एसपी ने कहा कि जिन लोगों के बैंक खाते या दस्तावेज साइबर अपराध में इस्तेमाल होते हैं, वो भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, चाहे उनका अपराध में सीधा हाथ न हो. इसलिए लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बैंक खाता खुलवाने, ऋण लेने या किसी भी बैंकिंग कार्य के लिए सीधे बैंक शाखा में जाएं. यदि कोई व्यक्ति घर आकर बैंकिंग सेवा देने की बात करे तो पहले उसकी पहचान और बैंक से जुड़े होने की पुष्टि जरूर करें.

Advertisement

सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को नोटिस

पुलिस के अनुसार जिन 60 गांवों को हॉटस्पॉट के तौर पर पहचान की है. वहां से लगातार संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले हैं. इसी आधार पर इन क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस उन लोगों को भी चिन्हित कर रही है जो कमीशन के आधार पर साइबर अपराधियों की मदद करते हैं. ऐसे कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.

पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई शख्स अपने मकान, दुकान, स्थान या किसी अन्य माध्यम से साइबर अपराधियों को सहयोग देता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एडिशनल एसपी ने बताया कि पिछले सप्ताह एक मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, क्योंकि उसके मकान से साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही थीं.

साइबर अपराधियों की मदद करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी साइबर अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर पुलिस टीम या एसपी कार्यालय को दें. पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है. वहीं, जिन गांवों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्होंने इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि वे अपने क्षेत्र को साइबर अपराध से मुक्त देखना चाहते हैं और मेवात की नकारात्मक छवि को समाप्त करने के पक्षधर हैं. हालांकि कुछ प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि कई बार ऐसे मामलों में सहयोग करने पर गांव के भीतर विवाद की स्थिति बन जाती है. इसके बावजूद उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे गोपनीय रूप से भी पुलिस की मदद करते रहेंगे और साइबर अपराध के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग देंगे.

---- समाप्त ----
रिपोर्ट- कासिम खान

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »